बिजली सब्सिडी का फायदा उठाने वाले उपभोक्ताओं के लिए अहम खबर है। दिल्ली सरकार ने सब्सिडी पाने वाले हर लाभार्थी के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। यानी अब सब्सिडी जारी रखने के लिए आपको अपने आधार की जानकारी सरकार के बताए माध्यम से देनी होगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम सब्सिडी लेने वालों की लगातार बढ़ती संख्या और सरकारी खजाने पर बढ़ते बोझ को देखते हुए उठाया गया है, ताकि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।
Delhi Electricity Subsidy एक नजर में: क्या बदला है?
- दिल्ली में बिजली सब्सिडी लेने के लिए अब आधार नंबर होने का प्रमाण देना जरूरी है।
- यह नियम आधार अधिनियम, 2016 की धारा 7 के तहत अधिसूचित किया गया है।
- आधार सरकारी वेब पोर्टल या सरकार द्वारा तय किसी अन्य माध्यम से देना होगा।
- जिनके पास आधार नहीं है, वे आधार एनरोलमेंट के लिए आवेदन कर 14 अंकों की एनरोलमेंट आईडी जमा कर सकते हैं।
- अधिसूचना 30 सितंबर 2026 की है और 1 अक्टूबर 2026 के दिल्ली गजट में प्रकाशित हुई है।
किन बिजली कंपनियों के उपभोक्ताओं पर लागू होगा?
दिल्ली में बिजली सब्सिडी योजना ऊर्जा विभाग की ओर से वितरण कंपनियों के जरिए चलाई जाती है। अधिसूचना में इन पांचों का नाम है:
| वितरण कंपनी | पूरा नाम |
|---|---|
| BRPL | BSES राजधानी पावर लिमिटेड |
| BYPL | BSES यमुना पावर लिमिटेड |
| TPDDL | टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड |
| NDMC | नई दिल्ली नगर पालिका परिषद |
| MES | मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज |
अब तक कितना खर्च, कितने लाभार्थी?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2026 तक दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी के लिए आवंटित राशि ₹4037.63 करोड़ तक पहुंच गई थी। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने इस मद में ₹3,500 करोड़ का बजट रखा है।
उपभोक्ताओं की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। पिछले एक दशक में दिल्ली में बिजली उपभोक्ता करीब 40 प्रतिशत बढ़कर 73 लाख से ज्यादा हो गए हैं।
| वित्त वर्ष | सब्सिडी लेने वाले उपभोक्ता | कुल घरेलू उपभोक्ताओं में हिस्सा |
|---|---|---|
| 2024-25 | लगभग 52.3 लाख | करीब 84% |
| 2025-26 | लगभग 55 लाख | करीब 87% |
दिल्ली में बिजली सब्सिडी कितनी मिलती है?
| मासिक खपत | सब्सिडी |
|---|---|
| 200 यूनिट तक | बिजली पूरी तरह मुफ्त |
| 201 से 400 यूनिट | 50% सब्सिडी, अधिकतम ₹800 प्रति माह |
सब्सिडी की यह दर पहले जैसी ही है। नई शर्त सिर्फ आधार सत्यापन की जुड़ी है।

सब्सिडी जारी रखने के लिए अब क्या करना होगा?
बिजली विभाग की अधिसूचना के मुताबिक सब्सिडी लेने वाले व्यक्ति को वैध आधार संख्या होने का प्रमाण देना होगा। दिल्ली के उपराज्यपाल ने आधार अधिनियम, 2016 की धारा 7 के तहत यह अधिसूचित किया है कि लाभार्थी को अपनी आधार संख्या सरकारी वेब पोर्टल या सरकार द्वारा निर्धारित किसी अन्य माध्यम से देनी होगी।
फिलहाल अधिसूचना में यह साफ नहीं किया गया है कि पोर्टल कौन सा होगा, प्रक्रिया क्या रहेगी और आधार जमा करने की आखिरी तारीख क्या है। ये जानकारी सरकार या बिजली कंपनियों की ओर से जारी होनी बाकी है।
अभी से क्या तैयारी रखें?
- अपना आधार कार्ड और उसमें दर्ज मोबाइल नंबर चालू हालत में रखें, ताकि OTP आसानी से आ सके।
- अपने बिजली बिल से CA नंबर (कंज्यूमर अकाउंट नंबर) नोट कर लें।
- आधार में नाम, पता या मोबाइल नंबर गलत है तो उसे पहले अपडेट करवा लें।
- अपनी बिजली कंपनी (BSES या टाटा पावर) के आधिकारिक ऐप, वेबसाइट और SMS अलर्ट पर नजर रखें।
जिनके पास आधार नहीं है, उनके लिए क्या रास्ता है?
अधिसूचना में साफ लिखा है कि जिस व्यक्ति को अभी आधार नंबर जारी नहीं हुआ है, वह आधार के लिए एनरोलमेंट का आवेदन कर सकता है। ऐसे में बिजली सब्सिडी के लिए वह अपनी जानकारी के साथ 14 अंकों की एनरोलमेंट आईडी जमा कर सकता है। यानी आधार बनने की प्रक्रिया में होने पर भी आवेदन की रसीद काम आएगी।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
सब्सिडी का खर्च दिल्ली की संचित निधि (Consolidated Fund) से होता है। सरकार का तर्क है कि लाभार्थी की पहचान पक्की होना जरूरी है ताकि पैसा सही उपभोक्ता तक ही पहुंचे। लाभार्थियों की संख्या बढ़ने के साथ खर्च भी बढ़ रहा है, इसलिए पहचान सत्यापन की व्यवस्था लाई गई है।
अपडेट कहां देखें? (आधिकारिक लिंक)
- BSES (राजधानी और यमुना): bsesdelhi.com
- टाटा पावर दिल्ली: tatapower-ddl.com
- आधार संबंधी सेवाएं: uidai.gov.in
बिजली सब्सिडी आधार वेरिफिकेशन से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ’s)
क्या दिल्ली में बिजली सब्सिडी के लिए आधार जरूरी हो गया है?
हां। दिल्ली सरकार ने सब्सिडी लेने वाले हर लाभार्थी के लिए आधार संख्या होने का प्रमाण देना अनिवार्य कर दिया है।
आधार नहीं है तो क्या सब्सिडी बंद हो जाएगी?
अधिसूचना के अनुसार, आधार न होने पर आप एनरोलमेंट के लिए आवेदन कर 14 अंकों की एनरोलमेंट आईडी जमा कर सकते हैं।
आधार कहां और कैसे देना होगा?
सरकारी वेब पोर्टल या सरकार द्वारा तय किसी अन्य माध्यम से। सटीक पोर्टल और प्रक्रिया की घोषणा अभी बाकी है, इसलिए बिजली कंपनी की आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।
क्या यह नियम किराएदारों पर भी लागू होगा?
अधिसूचना उस हर व्यक्ति पर लागू है जो सब्सिडी का लाभ लेना चाहता है। किराएदारों या एक से ज्यादा कनेक्शन वाले मामलों पर अलग से स्पष्टीकरण अभी जारी नहीं हुआ है।
दिल्ली में कितनी बिजली मुफ्त मिलती है?
हर महीने 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त है। 201 से 400 यूनिट खपत पर 50% सब्सिडी मिलती है, जो अधिकतम ₹800 प्रति माह तक है।
निष्कर्ष: दिल्ली बिजली सब्सिडी
दिल्ली में बिजली सब्सिडी की दरें नहीं बदली हैं, लेकिन अब इसे जारी रखने के लिए आधार सत्यापन की शर्त जुड़ गई है। पोर्टल और प्रक्रिया की घोषणा का इंतजार है, तब तक आधार और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर तैयार रखें और सिर्फ बिजली कंपनियों के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें। प्रक्रिया शुरू होते ही ekycmitra.com पर स्टेप-बाय-स्टेप गाइड अपडेट की जाएगी।






