मेरठ डाकघर खाता निष्क्रिय | मेरठ शहर में डाकघर खाता रखने वाले लाखों लोगों के लिए यह खबर काम की है। मेरठ सिटी डाकघर के रिकॉर्ड के अनुसार, कुल 2 लाख 40 हजार 142 खातों में से 3,086 खाते ऐसे हैं जिन पर पिछले तीन साल से कोई लेनदेन नहीं हुआ, और नियमों के तहत ये अपने आप निष्क्रिय (डीएक्टिवेट) हो चुके हैं। अगर आपने भी डाकघर में खाता खुलवाया था और लंबे समय से उसका इस्तेमाल नहीं किया, तो एक बार स्थिति जरूर जांच लें।
तीन साल तक लेनदेन न होने पर अपने आप बंद हो जाता है खाता
डाक विभाग के नियम के अनुसार, खाता खोलने के बाद अगर लगातार तीन वर्षों तक उसमें जमा या निकासी जैसा कोई भी लेनदेन दर्ज नहीं होता, तो सिस्टम खुद-ब-खुद उस खाते को निष्क्रिय कर देता है। ज्यादातर मामलों में खाताधारक को इसकी भनक तक नहीं लगती, और जब वे कभी जरूरत पड़ने पर पैसे निकालने या जमा करने डाकघर पहुंचते हैं, तभी उन्हें पता चलता है कि उनका खाता बंद हो चुका है।
दोबारा चालू कराने के लिए करानी होगी ई-केवाईसी
निष्क्रिय हो चुके खाते को दोबारा एक्टिव कराने का तरीका ज्यादा जटिल नहीं है। इसके लिए खाताधारक को खुद संबंधित डाकघर शाखा में जाकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस दौरान साथ ले जाने वाले जरूरी दस्तावेज इस प्रकार हैं:
- आधार कार्ड (मूल और फोटोकॉपी)
- पैन कार्ड
- दो पासपोर्ट साइज फोटो
- डाक विभाग द्वारा तय किया गया आवेदन फॉर्म
यह सभी दस्तावेज जमा करने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाते का संचालन दोबारा शुरू कर दिया जाता है, और खाताधारक पहले की तरह लेनदेन कर सकता है।

डाकघर खाता चालू कराने पर पोस्टमास्टर ने क्या कहा
मेरठ सिटी डाकघर के पोस्टमास्टर कृष्ण चंद्र के मुताबिक, हर खाते की एक तय अवधि होती है और तीन साल तक निष्क्रियता की स्थिति में खाता स्वतः बंद हो जाता है। फिलहाल मेरठ सिटी डाकघर में 3,086 ऐसे खाते चिन्हित किए गए हैं। उन्होंने खाताधारकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द जरूरी दस्तावेजों के साथ डाकघर पहुंचकर ई-केवाईसी करा लें, ताकि उनका खाता दोबारा सुचारू रूप से चालू हो सके।
मेरठ डाकघर खाता निष्क्रिय ई-केवाईसी के नाम पर हो रही ठगी से बचें
खाता एक्टिव कराने की जल्दबाजी में साइबर ठगों के जाल में फंसने से बचना बेहद जरूरी है। आजकल ई-केवाईसी के नाम पर फोन कॉल, मैसेज या फर्जी लिंक भेजकर लोगों को धोखा दिया जा रहा है। इसलिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- किसी भी अनजान कॉल पर OTP, पासवर्ड या बैंक/खाता जानकारी साझा न करें
- व्हाट्सऐप या SMS पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें
- ई-केवाईसी सिर्फ नजदीकी डाकघर जाकर ही कराएं, फोन या ऑनलाइन माध्यम से नहीं
- कोई भी सरकारी कर्मचारी होने का दावा कर पैसे मांगे तो तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत करें
Note: डाकघर की eKYC कराने से पहले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट indiapost.gov.in पर उपलब्ध जानकारी को अवश्य पढ़ ले, ताकि भविष्य में आपको कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
डाकघर खाता कितने समय में निष्क्रिय हो जाता है?
अगर किसी डाकघर खाते में लगातार तीन साल तक कोई लेनदेन दर्ज नहीं होता, तो नियमानुसार वह खाता अपने आप निष्क्रिय हो जाता है।
निष्क्रिय खाता दोबारा चालू कैसे कराएं?
खाताधारक को आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो फोटो और निर्धारित फॉर्म के साथ अपनी संबंधित डाकघर शाखा में जाकर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
क्या ई-केवाईसी ऑनलाइन घर बैठे की जा सकती है?
नहीं, निष्क्रिय खाते की ई-केवाईसी के लिए खाताधारक को स्वयं डाकघर जाकर प्रक्रिया पूरी करनी होती है। किसी फोन कॉल या ऑनलाइन लिंक के जरिए यह प्रक्रिया नहीं होती।








