eKYC मित्र

ईकेवाईसी गाइड पोर्टल

दिव्यांग प्रमाणपत्र और UDID Card कैसे बनवाएं? ऑनलाइन अप्लाई, स्टेटस चेक और डाउनलोड की पूरी प्रक्रिया

udid card download apply online guide

UDID Card | अगर आप या आपके परिवार में कोई दिव्यांग है, तो आज के समय में सरकारी योजना, स्कॉलरशिप, पेंशन, रेल रियायत या नौकरी में आरक्षण, हर जगह एक ही कागज़ मांगा जाता है, UDID Card। पहले हर राज्य का अपना अलग विकलांगता प्रमाणपत्र होता था और दफ्तरों में उस पर सवाल उठते थे। अब एक राष्ट्रीय पोर्टल है, जहां से आवेदन, स्टेटस ट्रैकिंग, डाउनलोड और रिन्यूअल सब कुछ होता है।

WhatsApp Group Join Us
Telegram Group Join Now

Quick Answer: UDID Card (यूनिक डिसेबिलिटी आईडी) दिव्यांगजनों के लिए पूरे भारत में मान्य एक डिजिटल पहचान पत्र है। इसे बनवाने के लिए swavlambancard.gov.in पर “Apply for Disability Certificate and UDID Card” चुनें, फॉर्म भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें, फिर अस्पताल में मेडिकल जांच कराएं। मंजूरी के बाद एनरोलमेंट नंबर या UDID नंबर और जन्मतिथि से लॉगिन करके e-UDID Card PDF डाउनलोड करें।

इस गाइड में हम एक-एक स्टेप में समझेंगे कि UDID Card क्या होता है, कौन बनवा सकता है, कौन से दस्तावेज़ लगते हैं, ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें, स्टेटस कैसे चेक करें, आधार या मोबाइल नंबर से क्या-क्या हो सकता है, और कार्ड PDF में डाउनलोड कैसे होगा।

UDID Card क्या होता है? (UDID Card Meaning in Hindi)

UDID का पूरा नाम है Unique Disability ID, यानी विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र। यह वास्तव में दो चीज़ें एक साथ है: एक दिव्यांगता प्रमाणपत्र, जिसमें आपकी दिव्यांगता का प्रकार और प्रतिशत दर्ज होता है, और एक कार्ड जिस पर आपका यूनिक आईडी नंबर होता है। इसे केंद्र सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (Department of Empowerment of Persons with Disabilities) ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत शुरू किया है।

  • एक राष्ट्रीय डेटाबेस: बिहार में बना कार्ड केरल में भी मान्य है।
  • सब कुछ ऑनलाइन: आवेदन, ट्रैकिंग, रिन्यूअल और डाउनलोड एक ही पोर्टल से।
  • रंग से पहचान: कार्ड का रंग दिव्यांगता के प्रतिशत की ओर इशारा करता है (नीचे तालिका देखें)।

UDID Card के फायदे (Benefits)

कार्ड खुद कोई पैसा नहीं देता, लेकिन यह साबित करता है कि आप योजनाओं के पात्र हैं। हर योजना के लिए अलग से आवेदन करना होता है।

  • पूरे देश में एक ही मान्य दिव्यांगता प्रमाण, अलग-अलग राज्य के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं।
  • सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में बेंचमार्क दिव्यांगता (40% या अधिक) पर मिलने वाला आरक्षण।
  • दिव्यांग पेंशन, स्कॉलरशिप और सहायक उपकरण जैसी योजनाओं में आवेदन।
  • NEET जैसी परीक्षाओं में PwD श्रेणी का लाभ। NTA ने NEET 2026 के लिए कहा था कि PwD श्रेणी में आवेदन करने वालों के UDID कार्ड अपडेटेड और जरूरत पड़ने पर रिन्यू हुए होने चाहिए।
  • बार-बार मेडिकल बोर्ड के चक्कर से राहत, क्योंकि डेटा एक जगह दर्ज रहता है।

UDID Card के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD Act) 2016 में बताई गई 21 दिव्यांगताओं में से कोई भी होने पर आवेदन किया जा सकता है। नाबालिग के लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक आवेदन कर सकते हैं।

क्र.दिव्यांगताक्र.दिव्यांगता
1पूर्ण दृष्टिहीनता (Blindness)12क्रॉनिक न्यूरोलॉजिकल स्थितियां
2कम दृष्टि (Low Vision)13विशिष्ट सीखने की अक्षमता (जैसे डिस्लेक्सिया)
3कुष्ठ रोग से मुक्त व्यक्ति14मल्टीपल स्क्लेरोसिस
4श्रवण बाधित (बधिर और कम सुनने वाले)15वाणी और भाषा संबंधी दिव्यांगता
5चलन दिव्यांगता (Locomotor)16थैलेसीमिया
6बौनापन (Dwarfism)17हीमोफीलिया
7बौद्धिक दिव्यांगता18सिकल सेल रोग
8मानसिक बीमारी19बहु-दिव्यांगता (बधिर-अंधता सहित)
9ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार20एसिड अटैक पीड़ित
10सेरेब्रल पाल्सी21पार्किंसंस रोग
11मस्कुलर डिस्ट्रॉफी

UDID Card बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज़

दस्तावेज़ध्यान रखें
आधार नंबर या आधार एनरोलमेंट नंबरनियमों के अनुसार आवेदन में जरूरी है
पहचान प्रमाणआधार सबसे आसान विकल्प है
पासपोर्ट साइज फोटोहाल की (छह महीने से पुरानी नहीं), साफ चेहरा
निवास प्रमाणआधार पर पता वही है तो अलग से जरूरत नहीं पड़ती
पुराना दिव्यांगता प्रमाणपत्र (अगर हो)स्कैन करके नंबर, तारीख और जारी करने वाले अधिकारी के साथ अपलोड करें
इलाज के मेडिकल रिकॉर्डजांच के दिन साथ ले जाएं, बोर्ड इन्हीं पर निर्भर करता है
मोबाइल नंबर और ईमेलOTP और अपडेट के लिए, आधार से लिंक मोबाइल रखना बेहतर

अगर आधार में पता या मोबाइल नंबर पुराना है, तो आवेदन से पहले उसे ठीक करा लें, क्योंकि बाद में eKYC के वक्त यही काम आता है। आधार से जुड़ी प्रक्रिया के लिए My Aadhaar पोर्टल देखें।

UDID Card ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें (Step by Step)

आवेदन ऑनलाइन होता है, लेकिन मेडिकल जांच अस्पताल में खुद जाकर करानी पड़ती है। दोनों के लिए समय निकालकर चलें।

udid card apply online
  1. पोर्टल खोलें: swavlambancard.gov.in पर जाएं और “Apply for Disability Certificate and UDID Card” पर क्लिक करें।
  2. प्रक्रिया पढ़ें: पहले प्रक्रिया के चरण दिखते हैं। “I have read and understood the process” पर टिक करके Submit करें।
  3. आधार से रजिस्ट्रेशन: आधार नंबर (या आधार एनरोलमेंट नंबर) डालें, कैप्चा भरें और आधार से लिंक मोबाइल पर आया OTP वेरिफाई करें।
  4. फॉर्म भरें: अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पता, मोबाइल, और 21 में से अपनी दिव्यांगता का प्रकार चुनें।
  5. अस्पताल चुनें: डिफ़ॉल्ट रूप से आपके जिले की मेडिकल अथॉरिटी दिखती है। इलाज दूसरी जगह चल रहा हो तो वह अस्पताल भी चुन सकते हैं।
  6. दस्तावेज़ अपलोड करें: फोटो, पहचान और पते का प्रमाण, और पुराना प्रमाणपत्र हो तो उसका स्कैन।
  7. सबमिट करें और रसीद सहेजें: सबमिट के बाद मिलने वाला एनरोलमेंट नंबर और acknowledgement डाउनलोड करके रख लें। आगे हर जगह यही काम आएगा।
  8. मेडिकल जांच कराएं: अस्पताल की तरफ से कॉल या मैसेज आने पर तय तारीख को विशेषज्ञ डॉक्टर या मेडिकल बोर्ड के सामने पेश हों। पुराने मेडिकल कागज़ साथ रखें।
  9. कार्ड डाउनलोड करें: मंजूरी मिलते ही पोर्टल से e-Disability Certificate और e-UDID Card डाउनलोड करें। छपा हुआ कार्ड स्पीड पोस्ट से घर आता है।

पहले से दिव्यांगता प्रमाणपत्र है? तब नया बनवाने की जगह पोर्टल पर “Already having Disability Certificate” विकल्प से अपना पुराना रिकॉर्ड जोड़ा जा सकता है, जिसमें आमतौर पर बेनेफिशियरी आईडी/स्टेट आईडी या आधार मांगा जाता है।

इंटरनेट न हो तो? जिला कल्याण कार्यालय या अस्पताल के काउंटर पर भी फॉर्म जमा किया जा सकता है, जिसे वे बाद में पोर्टल पर चढ़ा देते हैं। जिले के रजिस्ट्रेशन कैंप भी इसी तरह काम करते हैं।

UDID Card Status Check Online (आधार, मोबाइल या एनरोलमेंट नंबर से)

स्टेटस देखने के लिए लॉगिन भी जरूरी नहीं है। पोर्टल का “Track Your Application” विकल्प चार तरीकों से खोज की सुविधा देता है।

किससे खोजेंकब काम आता है
एनरोलमेंट नंबरआवेदन के बाद मिलता है, सबसे सीधा तरीका
UDID नंबरकार्ड जारी हो जाने के बाद
आधार नंबरएनरोलमेंट नंबर भूल जाने पर
मोबाइल नंबरआवेदन में दिया गया नंबर डालकर खोज
  1. swavlambancard.gov.in खोलें और “Track Your Application” चुनें।
  2. UDID नंबर, मोबाइल नंबर, एनरोलमेंट नंबर या आधार नंबर में से कोई एक विकल्प चुनकर नंबर भरें।
  3. कैप्चा डालकर Submit करें। स्क्रीन पर आवेदन का मौजूदा चरण दिख जाएगा।

अगर स्टेटस में “Returned” या वापस भेजा गया दिखे, तो अस्पताल ने कोई कमी बताई है। नया आवेदन न करें, उसी लॉगिन से कमी सुधारकर दोबारा सबमिट करें।

UDID Card Download कैसे करें (PDF, लॉगिन से)

आधिकारिक तरीके में डाउनलोड के लिए आपके एनरोलमेंट नंबर या UDID नंबर और जन्मतिथि की जरूरत होती है। कई जगह “आधार से डाउनलोड” लिखा मिलता है, पर पोर्टल के लॉगिन में बुनियादी चाबी एनरोलमेंट/UDID नंबर ही है। एनरोलमेंट नंबर याद न हो तो पहले ऊपर बताए तरीके से आधार या मोबाइल नंबर से स्टेटस खोलकर उसे निकाल लें।

  1. swavlambancard.gov.in पर जाकर Login या “Download e-Disability Certificate / e-UDID Card” विकल्प चुनें।
  2. एनरोलमेंट नंबर या UDID नंबर और जन्मतिथि डालें।
  3. कैप्चा भरकर Login करें।
  4. डैशबोर्ड में “Download your e-Disability Certificate” और “Download your e-UDID Card” में से जो चाहिए उस पर क्लिक करें।
  5. PDF फोन या कंप्यूटर में सेव करें और एक कॉपी DigiLocker में भी रख लें ताकि हमेशा फोन में रहे।

मोबाइल ऐप से: सरकारी UDID/Swavlamban ऐप से भी लॉगिन करके कार्ड डाउनलोड हो जाता है। ऐप सिर्फ आधिकारिक Google Play लिंक से ही इंस्टॉल करें।

कार्ड अभी हाथ में नहीं आया? घबराएं नहीं, e-UDID Card डैशबोर्ड से डाउनलोड हो जाता है और प्रिंटेड कार्ड के डाक में रहते हुए भी मान्य रहता है।

UDID Card का फॉर्मेट और रंग का मतलब

कार्ड पर आमतौर पर आपका नाम, फोटो, UDID नंबर, दिव्यांगता का प्रकार, प्रतिशत, वैधता और सत्यापन के लिए QR कोड होता है। कार्ड की पट्टी का रंग दिव्यांगता के प्रतिशत से तय होता है।

कार्ड का रंगदिव्यांगता प्रतिशतमतलब
सफेद40% से कमदिव्यांगता मान्य, पर बेंचमार्क से कम
पीला40% या अधिक, 80% से कमबेंचमार्क दिव्यांगता
नीला80% या अधिकगंभीर दिव्यांगता

आरक्षण समेत ज़्यादातर वैधानिक लाभ 40% की रेखा से शुरू होते हैं, इसलिए सफेद कार्ड वाले को बेंचमार्क-आधारित सभी लाभ अपने आप नहीं मिलते।

UDID Card में अपडेट, रिन्यूअल और eKYC

  • खुद डैशबोर्ड से बदल सकते हैं: मोबाइल नंबर और ईमेल।
  • आधार eKYC से बदलेगा: पता, माता-पिता या अभिभावक का नाम, लिंग और जन्मतिथि।
  • सिर्फ अस्पताल या प्रमाणित करने वाला अधिकारी बदल सकता है: नाम और आधार नंबर।
  • रिन्यूअल: अगर कार्ड पर वैधता अवधि है, तो एक्सपायरी से 9 महीने पहले तक डैशबोर्ड में “Renew Card” से आवेदन कर सकते हैं। जिनकी दिव्यांगता में सुधार की संभावना नहीं, उन्हें स्थायी प्रमाणपत्र मिलता है और रिन्यू नहीं कराना पड़ता।

eKYC के लिए लॉगिन करके “Update E-KYC” खोलें, आधार नंबर की पुष्टि करें और आधार से लिंक मोबाइल पर आया 6 अंकों का OTP भरें। OTP UDID रिकॉर्ड वाले नंबर पर नहीं, आधार से लिंक नंबर पर आता है।

कितना समय और कितना खर्च लगता है?

चरणनियम में तय समय
दिव्यांगता की पहचान के बाद प्रमाणपत्र और कार्ड3 महीने के भीतर
रिजेक्शन के खिलाफ अपीलरिजेक्शन से 90 दिन के भीतर
रिन्यूअल अनुरोधएक्सपायरी से 9 महीने पहले तक
अपील पर कार्रवाई न होने पर नया आवेदन3 महीने बाद संभव

प्रकाशित नियमों में आवेदन की कोई फीस नहीं बताई गई है। अगर कोई एजेंट या साइबर कैफे “फीस” के नाम पर बड़ी रकम मांगे, तो पहले सावधान हो जाएं और आधिकारिक पोर्टल से खुद आवेदन करने की कोशिश करें।

आवेदन रिजेक्ट हो जाए या अटक जाए तो क्या करें?

आवेदन सिर्फ तीन वजहों से रिजेक्ट हो सकता है: जांच में दिव्यांगता न मिलना, आवेदक का जांच के लिए न पहुंचना, या आवेदक की मृत्यु। जांच में न पहुंचने पर रिजेक्ट करने से पहले अस्पताल को फोन, SMS या ईमेल से कई बार संपर्क करना होता है।

  • जांच के बाद रिजेक्शन: कारण डैशबोर्ड में Form VIII के रूप में दिखते हैं। 90 दिन के अंदर अपील करें।
  • अस्पताल में आवेदन अटका है: जिला कल्याण अधिकारी (District Welfare Officer) या राज्य UDID समन्वयक से संपर्क करें।
  • OTP नहीं आ रहा: आधार से लिंक मोबाइल नंबर चालू है या नहीं जांचें।
  • नाम गलत छप गया: इसे आप खुद नहीं सुधार सकते, अस्पताल या प्रमाणित करने वाले अधिकारी से सुधरवाना होगा।

शिकायत के लिए दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट depwd.gov.in पर UDID से जुड़े नोटिफिकेशन और SOP उपलब्ध हैं।

UDID Card बनवाते समय इन गलतियों से बचें

  • एनरोलमेंट नंबर खो देना, उसका स्क्रीनशॉट या फोटो पहले दिन ही रख लें।
  • बिना मेडिकल रिकॉर्ड के जांच में पहुंच जाना, बोर्ड वही देखता है जो आप दिखाते हैं।
  • अस्पताल के कॉल का जवाब न देना, इससे आवेदन “जांच में अनुपस्थित” मानकर रिजेक्ट हो सकता है।
  • नकली वेबसाइट या ऐप पर आधार और OTP डालना, सिर्फ .gov.in वाला पोर्टल इस्तेमाल करें।
  • रिन्यूअल की तारीख भूल जाना, एक्सपायरी से 9 महीने पहले रिमाइंडर लगा लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

UDID Card क्या होता है?

UDID Card यानी Unique Disability ID Card, दिव्यांगजनों के लिए एक राष्ट्रीय पहचान पत्र और दिव्यांगता प्रमाणपत्र है, जो swavlambancard.gov.in पोर्टल से बनता है और पूरे भारत में मान्य है।

UDID Card कैसे बनवाएं?

swavlambancard.gov.in पर जाकर “Apply for Disability Certificate and UDID Card” चुनें, आधार से रजिस्ट्रेशन करें, फॉर्म भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें, एनरोलमेंट नंबर सेव करें और तय तारीख को अस्पताल में मेडिकल जांच कराएं।

UDID Card का स्टेटस आधार नंबर से कैसे देखें?

पोर्टल पर “Track Your Application” खोलें, आधार नंबर का विकल्प चुनें, नंबर और कैप्चा भरकर Submit करें। मोबाइल नंबर, एनरोलमेंट नंबर या UDID नंबर से भी स्टेटस खोजा जा सकता है।

UDID Card PDF कैसे डाउनलोड करें?

पोर्टल पर एनरोलमेंट नंबर या UDID नंबर और जन्मतिथि से लॉगिन करें, फिर डैशबोर्ड से e-UDID Card और e-Disability Certificate का PDF डाउनलोड करें। आप इसकी कॉपी DigiLocker में भी रख सकते हैं।

क्या UDID Card मोबाइल नंबर से डाउनलोड हो सकता है?

मोबाइल नंबर से आप आवेदन का स्टेटस खोजकर अपना एनरोलमेंट नंबर पता कर सकते हैं। डाउनलोड के लिए आधिकारिक लॉगिन में एनरोलमेंट या UDID नंबर और जन्मतिथि का इस्तेमाल होता है।

UDID Card कितने दिन में बन जाता है?

नियमों के अनुसार दिव्यांगता की पहचान के बाद प्रमाणपत्र और कार्ड 3 महीने के भीतर जारी होना चाहिए। सबसे ज्यादा समय आमतौर पर अस्पताल में मेडिकल जांच की कतार में लगता है।

UDID Card में कौन-सा रंग किस प्रतिशत का होता है?

सफेद कार्ड 40% से कम, पीला कार्ड 40% या उससे अधिक पर 80% से कम, और नीला कार्ड 80% या उससे अधिक दिव्यांगता को दर्शाता है।

UDID Card रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?

डैशबोर्ड में Form VIII में रिजेक्शन का कारण देखें और 90 दिन के भीतर अपील करें। अगर जांच में न पहुंचने की वजह से रिजेक्ट हुआ है, तो पुराने एनरोलमेंट नंबर का हवाला देकर दोबारा आवेदन किया जा सकता है।

निष्कर्ष: दिव्यांग प्रमाणपत्र एवं UDID कार्ड

UDID Card की प्रक्रिया तीन हिस्सों में याद रखिए: ऑनलाइन आवेदन, अस्पताल में जांच, और मंजूरी के बाद डाउनलोड। आवेदन से पहले आधार का पता और मोबाइल अपडेट रखें, एनरोलमेंट नंबर संभालकर रखें, और जांच के दिन सारे पुराने मेडिकल कागज़ साथ ले जाएं। यही तीन बातें हफ्तों का समय बचा देती हैं।

नोट: पोर्टल की प्रक्रिया और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट swavlambancard.gov.in पर ताज़ा जानकारी जरूर देख लें। ekycmitra.com सरकारी वेबसाइट नहीं है।

WhatsApp Group Join Us
Telegram Group Join Now

23