आधार कार्ड में जन्मतिथि गलत छप गई है तो यह सिर्फ एक छोटी गलती नहीं रहती। स्कूल-कॉलेज के फॉर्म, पासपोर्ट, पेंशन, PF, सरकारी भर्ती की उम्र-सीमा और बैंक KYC तक में इसका असर दिखता है। दिक्कत यह है कि UIDAI जन्मतिथि बदलने के नियम बाकी जानकारियों के मुकाबले ज्यादा सख्त रखता है। इस गाइड में हम आधार में जन्मतिथि सुधार की लिमिट, जरूरी प्रूफ, फीस और पूरा प्रोसेस UIDAI के दिसंबर 2025 वाले नए SOP के आधार पर सरल भाषा में समझा रहे हैं।
Quick Answer: आधार में जन्मतिथि सामान्य प्रक्रिया में सिर्फ एक बार बदली जा सकती है। यह बदलाव ऑनलाइन नहीं होता; इसके लिए आधार सेवा केंद्र या अधिकृत एनरोलमेंट/अपडेट सेंटर जाना पड़ता है, जहां बायोमेट्रिक सत्यापन होता है और सही जन्मतिथि का प्रमाण (जैसे जन्म प्रमाण पत्र) जमा करना होता है। अलग से सिर्फ जन्मतिथि अपडेट कराने पर फीस ₹75 है। अगर एक बार का मौका इस्तेमाल हो चुका है, तो दोबारा सुधार UIDAI के विशेष (exception) प्रोसेस से ही संभव है, जिसमें आमतौर पर जन्म प्रमाण पत्र और स्व-घोषणा पत्र (Annexure) लगता है और फैसला UIDAI क्षेत्रीय कार्यालय करता है।
आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधार: एक नजर में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| जन्मतिथि बदलने की सामान्य लिमिट | जीवन में सिर्फ 1 बार |
| लिमिट खत्म होने पर | अपवाद (exception) प्रक्रिया, UIDAI क्षेत्रीय कार्यालय की समीक्षा के साथ |
| ऑनलाइन अपडेट | उपलब्ध नहीं, DOB अपडेट केंद्र पर ही होता है |
| कहां जाना है | आधार सेवा केंद्र (ASK) या अधिकृत एनरोलमेंट/अपडेट सेंटर |
| मुख्य प्रमाण | जन्म प्रमाण पत्र (सबसे मजबूत), पासपोर्ट, 10वीं/12वीं मार्कशीट आदि |
| फीस | ₹75 (अलग से कराने पर), बायोमेट्रिक अपडेट के साथ कराने पर अलग डेमोग्राफिक फीस नहीं |
| अप्रूवल का समय | आमतौर पर लगभग 30 दिन, अपवाद वाले मामलों में ज्यादा |
| हेल्पलाइन | 1947 |
आधार में जन्मतिथि कब बदलवानी पड़ती है?
UIDAI के SOP के मुताबिक किसी व्यक्ति की जन्मतिथि एक ही होती है, इसलिए सामान्य हालात में आधार में उसे बदलने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। फिर भी तीन स्थितियों में सुधार की जरूरत बनती है:
- Declared या Approximate DOB: आधार बनवाते समय प्रमाण नहीं दिया था, सिर्फ बताई गई या अनुमानित तारीख (कई बार सिर्फ साल) दर्ज हुई थी।
- ऑपरेटर या आवेदक की गलती: एनरोलमेंट के समय तारीख गलत टाइप हो गई।
- पहले गलत या झूठा दस्तावेज लगाया गया हो: ऐसे मामलों के लिए UIDAI ने एक अंतिम मौका और सख्त शर्तें रखी हैं (नीचे समझाया गया है)।
जन्मतिथि सुधार की लिमिट: कितनी बार बदल सकते हैं?
UIDAI की सामान्य व्यवस्था में नाम, लिंग और जन्मतिथि तीनों पर लाइफटाइम लिमिट है। यह लिमिट आधार नंबर से जुड़ी होती है, किसी एक केंद्र या एक आवेदन से नहीं।
| जानकारी | सामान्य अपडेट लिमिट |
|---|---|
| नाम | जीवन में 2 बार |
| लिंग (Gender) | जीवन में 1 बार |
| जन्मतिथि (DOB) | जीवन में 1 बार |
यहां एक बात ध्यान देने लायक है। UIDAI के हालिया FAQ में कहा गया है कि दोबारा या उसके बाद के DOB अपडेट की कोई तय संख्या-सीमा नहीं है, लेकिन ऐसा हर अनुरोध अपवाद माना जाता है और उसकी जांच ज्यादा कड़ी होती है। यानी आम आदमी के लिए व्यावहारिक नियम यही है: पहला अपडेट आसान, दूसरा मुश्किल।
आधार कार्ड DOB लिमिट क्रॉस होने पर क्या करें?
UIDAI ने 24 दिसंबर 2025 को नया SOP जारी किया, जिसने जुलाई 2021 के पुराने SOP की जगह ली। इसके अनुलग्नकों (Annexures) में सुधार का एक corrigendum सितंबर 2026 में भी अपलोड हुआ है, इसलिए फॉर्म हमेशा UIDAI की साइट से ताजा वर्जन ही लें। इस SOP के हिसाब से लिमिट पार कर चुके मामलों में रास्ता इस बात पर निर्भर करता है कि पहले कौन सा दस्तावेज लगा था।
| आपकी स्थिति | क्या जमा करना होगा |
|---|---|
| पहले जन्म प्रमाण पत्र लगा था | सुधारा हुआ जन्म प्रमाण पत्र, जिस पर वही Birth Registration Number (BRN) हो और वही रजिस्ट्रार हो |
| पहले मार्कशीट, पासपोर्ट जैसा कोई और दस्तावेज लगा था | उसी दस्तावेज का सही किया हुआ वर्जन, या जन्म प्रमाण पत्र |
| पहले दो या उससे ज्यादा बार DOB बदल चुकी है | जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत जारी जन्म प्रमाण पत्र और Annexure-II की स्व-घोषणा (नाबालिग हो तो माता-पिता/अभिभावक के हस्ताक्षर) |
| पिछली बार टाइपिंग की गलती हुई थी | सही तारीख वाला वही दस्तावेज, जिसे पहले लगाया गया था; ऐसे मामलों में अक्सर नया जन्म प्रमाण पत्र जरूरी नहीं होता |
सबसे ज्यादा रिजेक्शन की वजह: अगर पहले जन्म प्रमाण पत्र लगाया था और अब आप दूसरे नंबर या दूसरे रजिस्ट्रार वाला प्रमाण पत्र लगाते हैं, तो SOP के अनुसार अनुरोध रिजेक्ट किया जाता है। इसलिए सुधार कराने से पहले अपने पुराने दस्तावेज की जानकारी जरूर निकाल लें।
अपवाद (Exception) का आवेदन कैसे चलता है?
- पहले आधार सेंटर पर DOB अपडेट का सामान्य अनुरोध दें और जरूरी दस्तावेज लगाएं।
- अगर सिस्टम लिमिट पार होने की वजह से अनुरोध रोक या रिजेक्ट कर दे, तो मिली URN और स्लिप संभालकर रखें।
- अपनी URN, दस्तावेज और स्व-घोषणा के साथ UIDAI के क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) से संपर्क करें। इसके लिए हेल्पलाइन 1947 पर बात कर सकते हैं या UIDAI की वेबसाइट से अपने राज्य के क्षेत्रीय कार्यालय का पता और ईमेल देखें।
- क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी पिछले अपडेट, दस्तावेज और कारण की जांच करके अनुरोध मंजूर या रिजेक्ट करते हैं। जरूरत पड़ने पर वे आपको सुनवाई के लिए बुला भी सकते हैं।
एक जरूरी बात: जिस व्यक्ति ने स्व-घोषणा पहले ही जमा कर रखी है और फिर से अपडेट मांग रहा है, उसका डुप्लीकेट स्व-घोषणा वाला अनुरोध SOP में रिजेक्ट करने योग्य बताया गया है। यानी बार-बार कोशिश करने से बेहतर है कि पहली बार में ही पूरा और सही दस्तावेज दें।
आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने के लिए डॉक्यूमेंट (Documents)
जन्मतिथि के लिए जो दस्तावेज चाहिए, वह उम्र पर निर्भर करता है। जन्म प्रमाण पत्र को UIDAI कानूनी रूप से सबसे मजबूत प्रमाण मानता है, और एक बार जन्म प्रमाण पत्र जमा हो जाए तो सामान्य हालात में आगे DOB अपडेट की जरूरत नहीं मानी जाती।
| उम्र | मान्य दस्तावेज |
|---|---|
| 0 से 5 वर्ष | जन्म प्रमाण पत्र (अनिवार्य)। NRI के लिए जन्म प्रमाण पत्र या भारतीय पासपोर्ट |
| 5 से 18 वर्ष | जन्म प्रमाण पत्र (अनिवार्य)। NRI के लिए जन्म प्रमाण पत्र या भारतीय पासपोर्ट |
| 18 वर्ष से ज्यादा | UIDAI की मान्य सूची (List-IV) का कोई भी दस्तावेज |
वयस्कों के लिए आमतौर पर मान्य दस्तावेज
- जन्म प्रमाण पत्र (जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी)
- भारतीय पासपोर्ट
- 10वीं या 12वीं की मार्कशीट / स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र (मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्था का)
- पैन कार्ड (जिस पर जन्मतिथि साफ छपी हो)
- सरकारी कर्मचारी का फोटो पहचान पत्र या पेंशन से जुड़ा दस्तावेज
कौन सा दस्तावेज चलेगा, इसकी अंतिम सूची UIDAI की “List of Supporting Documents” में दी गई है और उसमें बदलाव होते रहते हैं। केंद्र जाने से पहले UIDAI की साइट पर वर्तमान सूची देख लें।
दस्तावेज से जुड़ी जरूरी शर्तें
- दस्तावेज पर जन्मतिथि पूरी (दिन, महीना, साल) और साफ पढ़ने लायक होनी चाहिए।
- दस्तावेज पर नाम आपके आधार के नाम से मेल खाए। शादी के बाद नाम बदला हो तो शादी से पहले जारी दस्तावेज चलेगा, पर साथ में नाम बदलाव का सबूत (पुराने नाम वाला आधार या दोनों नाम वाला विवाह प्रमाण पत्र) देना होगा।
- बच्चों के मामले में जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापन योग्य (online-verifiable) होना चाहिए, जिसे CRS या राज्य के जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार से बनवाया जा सकता है।
- केंद्र पर असली दस्तावेज साथ ले जाएं। ऑपरेटर उन्हें स्कैन करता है और वापस लौटा देता है।
क्या आधार में जन्मतिथि ऑनलाइन बदली जा सकती है?
नहीं। UIDAI के अनुसार जन्मतिथि बदलने की सुविधा अभी myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसके लिए नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाना होगा। इंटरनेट पर कई वेबसाइट या एजेंट “घर बैठे DOB बदलवाएं” का दावा करते हैं, उनसे बचें।
कई लोग myAadhaar पर मिलने वाले “Document Update” को DOB अपडेट समझ लेते हैं। यह अलग सेवा है। इसमें आप सिर्फ पहचान (PoI) और पते (PoA) के दस्तावेज अपडेट करते हैं, और यह सुविधा UIDAI की मौजूदा छूट के तहत 14 जून 2027 तक मुफ्त है। इससे आपकी जन्मतिथि नहीं बदलती।

आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधार का प्रोसेस (Step by Step)
- पहले अपनी स्थिति जांचें। देखें कि आधार में तारीख गलत कैसे आई, पहले कितनी बार DOB बदली है और तब कौन सा दस्तावेज लगा था।
- सही प्रमाण तैयार करें। जन्म प्रमाण पत्र हो तो वही सबसे बेहतर है। अगर प्रमाण पत्र में भी गलती है तो पहले उसे नगर निगम/पंचायत/रजिस्ट्रार कार्यालय से सुधरवाएं।
- केंद्र ढूंढें और अपॉइंटमेंट लें। UIDAI की वेबसाइट से नजदीकी आधार सेवा केंद्र खोजें। ASK पर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करने की सुविधा है, जिससे भीड़ में समय बचता है।
- केंद्र पर अपडेट फॉर्म भरें। फॉर्म में सुधार वाले खाने में “जन्मतिथि (Date of Birth)” चुनें और सही तारीख लिखें। स्व-घोषणा या Annexure की जरूरत हो तो पहले से भरकर ले जाएं।
- बायोमेट्रिक सत्यापन कराएं। आपकी उंगलियों के निशान या आईरिस से पहचान की जाती है, इसलिए मोबाइल या एजेंट के भरोसे ऑनलाइन यह चरण पूरा नहीं हो सकता।
- दस्तावेज जमा करें और फीस दें। ऑपरेटर असली दस्तावेज स्कैन करके लौटाएगा। अलग से DOB अपडेट कराने पर ₹75 देना होगा।
- acknowledgement slip लें। इस पर URN (Update Request Number) और आवेदन की जानकारी होती है। इसे तब तक संभालकर रखें जब तक आधार में नई तारीख दिख न जाए।
- स्टेटस चेक करें। myAadhaar पोर्टल के “Check Aadhaar Update Status” में URN डालकर अपडेट की स्थिति देखें। अप्रूव होने के बाद अपडेटेड आधार डाउनलोड कर लें।
आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने की फीस और समय
| सेवा | फीस |
|---|---|
| सिर्फ डेमोग्राफिक अपडेट (नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल आदि) अलग से | ₹75 |
| डेमोग्राफिक अपडेट बायोमेट्रिक अपडेट के साथ | डेमोग्राफिक का अलग शुल्क नहीं (बायोमेट्रिक का शुल्क लागू हो सकता है) |
| myAadhaar पर PoI/PoA दस्तावेज अपडेट | मुफ्त (14 जून 2027 तक) |
UIDAI की ओर से ये शुल्क सभी लागू करों समेत बताए गए हैं। कोई केंद्र इससे ज्यादा मांगे तो उसकी शिकायत 1947 पर या help@uidai.gov.in पर कर सकते हैं। अप्रूवल का समय आम तौर पर लगभग 30 दिन माना जाता है, लेकिन दस्तावेज की जांच, पुराने अपडेट के इतिहास या अपवाद वाले मामलों में ज्यादा वक्त लग सकता है।
DOB अपडेट रिजेक्ट होने के आम कारण
- पहले से मिला एक बार का मौका इस्तेमाल हो चुका है और अपवाद के जरूरी कागज नहीं लगे।
- दस्तावेज अस्पष्ट, कटा-फटा, छेड़छाड़ किया हुआ या UIDAI की सूची से बाहर का है।
- पहले जन्म प्रमाण पत्र लगा था और अब अलग BRN या अलग रजिस्ट्रार का प्रमाण पत्र लगाया गया।
- बच्चे के मामले में जन्म प्रमाण पत्र की जगह कोई और दस्तावेज दे दिया गया।
- नए दस्तावेज की जन्मतिथि और आवेदन में लिखी तारीख में फर्क है।
फर्जी दस्तावेज की गलती न करें
UIDAI ने साफ चेतावनी दी है कि झूठे या फर्जी तरीके से हासिल दस्तावेज पर जन्मतिथि दर्ज कराने वालों का आधार निष्क्रिय (deactivate) किया जा सकता है। ऐसे मामले में आधार दोबारा चालू कराने के लिए असली, ऑनलाइन सत्यापन योग्य जन्म-प्रमाण और शपथ पत्र (Affidavit) देना पड़ता है, और स्थिति के अनुसार FIR जैसी कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। SOP में ऐसे लोगों को सही तारीख दर्ज कराने का एक आखिरी मौका जरूर दिया गया है, लेकिन यह जोखिम लेने लायक नहीं है।
इसी तरह अगर कोई बच्चा 0 से 5 साल या 5 से 18 साल वाली श्रेणी में नामांकित हुआ और बाद में बदलाव से पता चले कि नामांकन के समय वह इस आयु से ऊपर था, तो UIDAI इसे संभावित फर्जी नामांकन मानकर रिजेक्शन या आधार निष्क्रिय करने की कार्रवाई कर सकता है।
आधार जन्मतिथि सुधार से पहले इन बातों का ध्यान रखें
- सही तारीख की पुष्टि अपने जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों से मिलाकर ही करें, ताकि सबमें एक ही तारीख हो।
- आवेदन करने से पहले अपडेट फॉर्म पर तारीख दो बार जांच लें, क्योंकि पहला मौका सबसे कीमती होता है।
- किसी एजेंट को कागज या बायोमेट्रिक न सौंपें। फीस सिर्फ UIDAI के तय शुल्क जितनी दें और रसीद जरूर लें।
- नौकरी की उम्र-सीमा, पासपोर्ट, पेंशन या कोर्ट के मामले में DOB से जुड़ी बात हो तो पहले ऑफिशियल रिकॉर्ड (जन्म प्रमाण पत्र) ठीक करवाएं, फिर आधार में सुधार कराएं।
महत्वपूर्ण लिंक
| सेवा | लिंक |
|---|---|
| UIDAI आधिकारिक वेबसाइट | uidai.gov.in |
| myAadhaar पोर्टल (अपडेट स्टेटस और आधार डाउनलोड) | myaadhaar.uidai.gov.in |
| UIDAI Enrolment & Update FAQ | uidai.gov.in/en/enrolment-and-update |
| आधार सेवा केंद्र और शुल्क की जानकारी | uidai.gov.in/en/aadhaar-seva-kendra |
| DOB अपडेट का आधिकारिक SOP (PDF) | SOP for DOB update |
| UIDAI हेल्पलाइन / ईमेल | 1947 / help@uidai.gov.in |
आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधार से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ’s)
आधार कार्ड में जन्मतिथि कितनी बार बदल सकते हैं?
सामान्य प्रक्रिया में जन्मतिथि सिर्फ एक बार बदली जा सकती है। उसके बाद का हर अनुरोध अपवाद माना जाता है और UIDAI क्षेत्रीय कार्यालय की जांच से गुजरता है।
क्या आधार में जन्मतिथि ऑनलाइन बदल सकते हैं?
नहीं। जन्मतिथि बदलने की सुविधा myAadhaar पोर्टल पर अभी उपलब्ध नहीं है। इसके लिए आधार सेवा केंद्र या अधिकृत अपडेट सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराना पड़ता है।
आधार में जन्मतिथि बदलने के लिए कौन सा दस्तावेज चाहिए?
जन्म प्रमाण पत्र सबसे मजबूत प्रमाण है। वयस्क पासपोर्ट, 10वीं/12वीं की मार्कशीट या पैन जैसे UIDAI-मान्य दस्तावेज भी दे सकते हैं। 18 साल से कम उम्र के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
आधार में DOB बदलने की फीस कितनी है?
अलग से डेमोग्राफिक अपडेट पर ₹75 लगता है। बायोमेट्रिक अपडेट के साथ करवाने पर अलग से डेमोग्राफिक शुल्क नहीं लिया जाता।
आधार में जन्मतिथि सुधार में कितना समय लगता है?
सामान्य मामलों में आमतौर पर लगभग 30 दिन लगते हैं। दस्तावेज की जांच या अपवाद वाले मामलों में इससे ज्यादा समय लग सकता है। URN से स्टेटस चेक करते रहें।
DOB की लिमिट खत्म हो गई हो तो क्या करें?
आधार सेंटर पर अनुरोध देकर URN लें और फिर UIDAI क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करें। आमतौर पर जन्म प्रमाण पत्र और Annexure-II की स्व-घोषणा चाहिए। अगर पहले जन्म प्रमाण पत्र लगा था तो उसी BRN और उसी रजिस्ट्रार का सुधारा हुआ प्रमाण पत्र देना होगा।
बच्चे के आधार कार्ड में जन्मतिथि कैसे बदलें?
18 साल से कम उम्र में जन्म प्रमाण पत्र ही मान्य है और वह ऑनलाइन सत्यापन योग्य होना चाहिए। जरूरत पड़ने पर स्व-घोषणा पर माता-पिता या अभिभावक के हस्ताक्षर लगते हैं।
निष्कर्ष: Aadhaar Card Date of Birth Correction
आधार में जन्मतिथि सुधार का सीधा नियम यही है कि पहला मौका सोच-समझकर और पूरे सही दस्तावेज के साथ इस्तेमाल करें। जन्म प्रमाण पत्र तैयार रखें, पुराने अपडेट का रिकॉर्ड देख लें, सिर्फ आधार सेवा केंद्र या अधिकृत सेंटर पर जाएं और URN संभालकर रखें। अगर लिमिट पहले ही पार हो चुकी है, तो घबराने की जगह UIDAI के SOP वाली अपवाद प्रक्रिया अपनाएं और पूरे कागज के साथ क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करें।
नोट: UIDAI अपने नियम, फीस और अनुलग्नकों में समय-समय पर बदलाव करता है। यह लेख 2 नवंबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आवेदन से पहले UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन 1947 पर ताजा नियम जरूर जांच लें।






