Quick Answer: पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए 18 साल से ऊपर का वह भारतीय नागरिक पात्र है जो 18 पारंपरिक व्यवसायों (बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, नाई, मोची आदि) में से किसी एक में हाथ-औजार से खुद काम करता है और सरकारी नौकरी में नहीं है। पात्र लाभार्थी को ₹15,000 का टूलकिट ई-वाउचर, ₹3 लाख तक का बिना गारंटी लोन (5% ब्याज पर), ट्रेनिंग के दौरान ₹500/दिन स्टाइपेंड और विश्वकर्मा सर्टिफिकेट मिलता है। सभी लाभ DBT/ई-वाउचर के जरिए तभी मिलते हैं जब आपकी eKYC और बैंक-आधार वेरिफिकेशन पूरी हो — अधूरी KYC सबसे बड़ी वजह है जिससे टूलकिट वाउचर या लोन की राशि अटक जाती है।
देश के करोड़ों पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) एक बड़ा सहारा बनकर सामने आई है। अगर आप बढ़ई, लोहार, सुनार, दर्जी, नाई, मोची या कुम्हार जैसे पारंपरिक काम से जुड़े हैं, तो इस आर्टिकल में जानिए — कौन इस योजना के लिए पात्र है, कौन नहीं, क्या-क्या लाभ मिलते हैं, और eKYC पूरी न करने पर क्यों आपकी राशि अटक सकती है।
PM Vishwakarma Yojana क्या है?
पीएम विश्वकर्मा योजना (आधिकारिक नाम: PM Vishwakarma Kaushal Samman Yojana) 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा जयंती के दिन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा शुरू की गई एक केंद्रीय योजना है। इसका उद्देश्य पारंपरिक हुनर से जुड़े कारीगरों — जिन्हें “विश्वकर्मा” कहा गया है — को एक ही जगह पर स्किल ट्रेनिंग, आधुनिक टूलकिट, बिना गारंटी लोन और मार्केट सपोर्ट उपलब्ध कराना है। यह योजना वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक, यानी पांच साल के लिए, कुल ₹13,000 करोड़ के बजट के साथ चलाई जा रही है और 2026 तक देशभर में 30 लाख से ज्यादा कारीगर इससे जुड़ चुके हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?
नीचे दी गई सभी शर्तें पूरी करने वाला व्यक्ति ही आवेदन के योग्य माना जाएगा:
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- आवेदन की तारीख पर आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- आवेदक 18 चिन्हित पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक में हाथ और औजार से काम करता हो (नीचे पूरी लिस्ट देखें)।
- आवेदक स्वरोजगार (self-employed) के आधार पर असंगठित क्षेत्र में काम कर रहा हो, न कि किसी बड़ी फैक्ट्री या संगठित व्यवसाय में।
- परिवार से सिर्फ एक सदस्य ही योजना का लाभ ले सकता है — यहां परिवार का मतलब है पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे।
कौन इस योजना के लिए पात्र नहीं है?
अगर नीचे दी गई कोई भी स्थिति आप पर लागू होती है, तो आपका आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा:
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम है।
- आवेदक या उसके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में कार्यरत है।
- आवेदक या परिवार के किसी सदस्य ने पिछले 5 वर्षों में PMEGP, PM SVANidhi या Mudra जैसी किसी समान क्रेडिट-आधारित सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ लिया हो।
- आवेदक किसी बड़े संगठित उद्यम में काम करता है, स्वरोजगार के आधार पर नहीं।
- आवेदक सूचीबद्ध 18 पारंपरिक व्यवसायों में से किसी में भी शामिल नहीं है।
पीएम विश्वकर्मा टूलकिट योजना में शामिल 18 पारंपरिक व्यवसाय
योजना शुरुआत में इन 18 पारंपरिक ट्रेड्स को कवर करती है:
- बढ़ई (सुथार/बढ़ई)
- नाव बनाने वाला
- अस्त्र-शस्त्र बनाने वाला (Armourer)
- लोहार
- हथौड़ा और टूलकिट बनाने वाला
- ताला बनाने वाला (Locksmith)
- सुनार
- कुम्हार
- मूर्तिकार / पत्थर तराशने वाला
- राजमिस्त्री (Mason)
- मोची / जूता बनाने वाला
- टोकरी, चटाई, झाड़ू बनाने वाला
- गुड़िया व खिलौना बनाने वाला (परंपरागत)
- नाई
- माला बनाने वाला
- धोबी
- दर्जी
- मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत मिलने वाले लाभ
1. विश्वकर्मा सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड
पंजीकरण और सत्यापन पूरा होते ही लाभार्थी को एक आधिकारिक विश्वकर्मा सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड मिलता है, जो उसे रजिस्टर्ड कारीगर के रूप में पहचान देता है।
2. ₹15,000 का टूलकिट ई-वाउचर
बेसिक स्किल ट्रेनिंग शुरू होने के बाद कारीगर को ₹15,000 तक की टूलकिट सहायता मिलती है। यह राशि सीधे बैंक खाते में नहीं आती — बल्कि यह e-RUPI आधारित डिजिटल ई-वाउचर के रूप में मोबाइल पर आती है, जिसे सिर्फ पोर्टल पर पंजीकृत विक्रेताओं से औजार खरीदने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
3. बिना गारंटी ₹3 लाख तक का लोन
व्यवसाय बढ़ाने के लिए दो चरणों में बिना किसी गारंटी के लोन मिलता है — पहला चरण ₹1 लाख तक और दूसरा चरण ₹2 लाख तक, सिर्फ 5% रियायती ब्याज दर पर।
4. ट्रेनिंग स्टाइपेंड
स्किल ट्रेनिंग (5-7 दिन बेसिक और आगे एडवांस) के दौरान हर दिन ₹500 का भत्ता सीधे बैंक खाते में दिया जाता है।
5. डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन और मार्केटिंग सपोर्ट
डिजिटल भुगतान अपनाने पर प्रति लेनदेन प्रोत्साहन राशि और उत्पादों को बेहतर बाजार दिलाने के लिए ब्रांडिंग व मार्केटिंग सहायता भी दी जाती है।
eKYC क्यों जरूरी है — न करने पर राशि क्यों अटक सकती है?
पीएम विश्वकर्मा योजना के सारे फायदे — टूलकिट ई-वाउचर, ट्रेनिंग स्टाइपेंड और लोन की किस्त — Direct Benefit Transfer (DBT) और e-RUPI सिस्टम के जरिए दिए जाते हैं। यह सिस्टम तभी काम करता है जब आपका आधार, मोबाइल नंबर और बैंक खाता आपस में पूरी तरह मेल खाते हों और eKYC/वेरिफिकेशन पूरी हो। आधिकारिक पोर्टल और बैंकों की तरफ से बताई गई सबसे आम समस्याओं में से एक है — “KYC mismatch”, यानी पोर्टल पर दर्ज जानकारी और बैंक रिकॉर्ड का आपस में न मिलना। इसी वजह से:
- टूलकिट ई-वाउचर जनरेट होने में देरी या रुकावट आ सकती है।
- ₹1 लाख या ₹2 लाख की लोन किस्त बैंक तक पहुंचने में अटक सकती है।
- ट्रेनिंग स्टाइपेंड का भुगतान लंबित रह सकता है।
- एप्लिकेशन का स्टेटस “Pending” या “Verification in Progress” में फंसा रह सकता है।
इसलिए अगर आपने अभी तक अपनी eKYC, आधार-बैंक लिंकिंग और दस्तावेज सत्यापन पूरा नहीं किया है, तो इसे टालें नहीं — वरना पात्र होने के बावजूद आपकी राशि रुकी रह सकती है।
PM Vishwakarma eKYC और वेरिफिकेशन कैसे पूरी करें?

- आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर जाएं।
- “Beneficiary Login” में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करें।
- डैशबोर्ड पर “Application Status” और “KYC Status” चेक करें।
- अगर आधार या बैंक डिटेल में मिसमैच दिख रहा हो, तो नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) जाकर बायोमेट्रिक eKYC पूरी करवाएं।
- बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं, यह अपनी बैंक शाखा से भी कन्फर्म करें।
- किसी भी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 18002677777 पर संपर्क करें।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक (आधार से लिंक खाता)
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- राशन कार्ड (अगर उपलब्ध हो)
- व्यवसाय से जुड़ा स्व-घोषणा प्रमाण पत्र
आवेदन प्रक्रिया — ऑनलाइन कैसे करें?
- pmvishwakarma.gov.in पोर्टल पर जाएं या नजदीकी CSC केंद्र पर जाएं (आवेदन ज्यादातर CSC के जरिए ही होता है)।
- मोबाइल नंबर और आधार से रजिस्ट्रेशन करें।
- व्यक्तिगत जानकारी, व्यवसाय की जानकारी और बैंक डिटेल भरें।
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन सबमिट करें।
- सत्यापन के बाद बेसिक स्किल ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाएगा।
- ट्रेनिंग पूरी होने पर टूलकिट ई-वाउचर और बाद में लोन के लिए पात्रता बनती है।
पीएम विश्वकर्मा कौशल विकास योजना से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ’s)
पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए न्यूनतम उम्र कितनी होनी चाहिए?
आवेदन की तारीख पर आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
क्या सरकारी कर्मचारी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। आवेदक या उसके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।
टूलकिट की ₹15,000 राशि सीधे बैंक खाते में आती है क्या?
नहीं, यह राशि नकद नहीं बल्कि डिजिटल ई-वाउचर के रूप में मिलती है, जिसे केवल पोर्टल पर पंजीकृत विक्रेताओं से औजार खरीदने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
eKYC न कराने पर क्या होगा?
eKYC या आधार-बैंक डिटेल मिसमैच होने पर टूलकिट वाउचर, ट्रेनिंग स्टाइपेंड और लोन की किस्त — तीनों में देरी या रुकावट आ सकती है, भले ही आप पात्र हों।
एक परिवार से कितने लोग आवेदन कर सकते हैं?
एक परिवार से सिर्फ एक ही सदस्य इस योजना का लाभ ले सकता है।








