Kanya Sumangala Yojana | अगर आपके घर में बेटी का जन्म हुआ है, या बेटी स्कूल में दाखिला ले रही है, तो एक सवाल ज़रूर आता है — सरकार की तरफ़ से कुछ मदद मिलेगी या नहीं? उत्तर प्रदेश में इसी सवाल का जवाब है कन्या सुमंगला योजना। पर ज़्यादातर परिवार तीन जगह अटकते हैं: पैसा किस चरण में कितना मिलेगा, फ़ॉर्म कैसे भरें, और भरने के बाद पैसा कब आएगा। इस लेख में आधिकारिक पोर्टल की जानकारी के आधार पर एक-एक बात सीधी भाषा में समझाई गई है।
संक्षिप्त जवाब: मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसमें पात्र परिवार की बेटी को जन्म से लेकर ग्रेजुएशन/डिप्लोमा में प्रवेश तक 6 चरणों में कुल ₹25,000 सीधे बैंक खाते (DBT) में मिलते हैं। पारिवारिक वार्षिक आय ₹3 लाख तक होनी चाहिए और एक परिवार की अधिकतम 2 बेटियों को लाभ मिलता है (जुड़वाँ के विशेष मामले को छोड़कर)। आवेदन और स्टेटस की जाँच आधिकारिक पोर्टल mksy.up.gov.in पर होती है।
कन्या सुमंगला योजना एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (MKSY) |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| विभाग | महिला एवं बाल विकास (महिला कल्याण निदेशालय), उत्तर प्रदेश सरकार |
| लाभ की कुल राशि | ₹25,000 (6 चरणों में, एकमुश्त किस्तों के रूप में) |
| भुगतान का तरीका | DBT (सीधे बैंक खाते में) |
| आय सीमा | परिवार की वार्षिक आय अधिकतम ₹3 लाख |
| लाभार्थी | एक परिवार की अधिकतम 2 बेटियाँ (जुड़वाँ/गोद लेने के विशेष नियम अलग) |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन — mksy.up.gov.in |
| आवेदन शुल्क | कोई शुल्क नहीं |
कन्या सुमंगला योजना क्या है?
यह एक कंडीशनल कैश ट्रांसफर योजना है। यानी पैसा एक बार में नहीं मिलता, बल्कि बेटी के जीवन के अलग-अलग पड़ाव — जन्म, टीकाकरण, कक्षा 1, कक्षा 6, कक्षा 9 और उच्च शिक्षा में प्रवेश — पूरे होने पर किस्त के रूप में मिलता है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार इसका मक़सद कन्या भ्रूण हत्या, असमान लिंगानुपात और बाल विवाह जैसी समस्याओं को कम करना और बालिकाओं की सेहत व पढ़ाई को बढ़ावा देना है।
कन्या सुमंगला योजना कब शुरू हुई?
योजना 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद जन्मी बालिकाओं के लिए लागू की गई। आधिकारिक पोर्टल का उद्घाटन 25 अक्टूबर 2019 को हुआ। शुरुआत में कुल सहायता ₹15,000 थी; राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 से इसे बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया। अगर आपने पुरानी दरों पर रजिस्ट्रेशन कराया था, तो अपनी अगली किस्त की राशि पोर्टल पर लॉगिन करके ज़रूर जाँच लें।
6 चरणों में कितना पैसा मिलता है? (पूरी तालिका)
नीचे की तालिका आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए चरणों के अनुसार है:
| चरण | किस स्थिति में लाभ | राशि (एकमुश्त) |
|---|---|---|
| प्रथम | बालिका का जन्म 01/04/2019 या उसके बाद हुआ हो | ₹5,000 |
| द्वितीय | एक वर्ष के भीतर संपूर्ण टीकाकरण पूरा हो चुका हो (जन्म 01/04/2018 से पहले का न हो) | ₹2,000 |
| तृतीय | चालू शैक्षणिक सत्र में कक्षा 1 में प्रवेश | ₹3,000 |
| चतुर्थ | चालू शैक्षणिक सत्र में कक्षा 6 में प्रवेश | ₹3,000 |
| पंचम | चालू शैक्षणिक सत्र में कक्षा 9 में प्रवेश | ₹5,000 |
| षष्ठ | 10वीं/12वीं पास करके चालू सत्र में स्नातक डिग्री या कम से कम 2 वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश | ₹7,000 |
| कुल | ₹25,000 |
ध्यान रखें — हर चरण के लिए आवेदन उसी चरण की शर्त पूरी होने के बाद, तय समय-सीमा के भीतर करना होता है। समय-सीमा चूकने पर उस चरण का लाभ अटक सकता है, इसलिए बेटी के जन्म का प्रमाणपत्र बनते ही पहला रजिस्ट्रेशन करा लेना समझदारी है।
कन्या सुमंगला योजना की पात्रता
आधिकारिक पोर्टल पर दी गई शर्तें ये हैं:
- परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो और उसके पास निवास का प्रमाण हो — राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली या टेलीफोन बिल में से कोई मान्य है।
- परिवार की वार्षिक आय अधिकतम ₹3 लाख हो।
- एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही लाभ मिलेगा।
- परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों।
- अगर दूसरे प्रसव में जुड़वाँ बच्चे हों तो तीसरी संतान के रूप में बेटी को भी लाभ मिल सकता है। पहली बेटी के बाद दूसरे प्रसव में दो जुड़वाँ बेटियाँ हों, तभी तीनों बेटियाँ पात्र होंगी।
- अनाथ बालिका को गोद लेने पर, जैविक और गोद ली गई संतान मिलाकर अधिकतम दो बालिकाओं को लाभ मिलेगा।
उम्र सीमा को लेकर भ्रम न रखें: इस योजना में कोई एक तय आयु-सीमा नहीं है। पात्रता हर चरण की शर्त (जन्म, टीकाकरण, कक्षा में प्रवेश) से तय होती है। सिर्फ़ द्वितीय चरण में यह शर्त है कि बालिका का जन्म 01/04/2018 से पहले का न हो।
यह योजना केवल उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए है। ओडिशा या किसी अन्य राज्य के लोग इस पोर्टल से आवेदन नहीं कर सकते; उनके राज्य की अलग योजनाएँ होती हैं।
Kanya Sumangala Yojana आवेदन में ज़रूरी दस्तावेज़
सामान्य तौर पर ये कागज़ात लगते हैं (चरण के अनुसार सूची पोर्टल पर आवेदन के समय दिखती है):
- आधार कार्ड (माता/पिता/अभिभावक और बालिका का, जहाँ लागू हो)
- निवास प्रमाण (राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली/टेलीफोन बिल आदि)
- आय प्रमाणपत्र
- बैंक खाते की पासबुक/विवरण — आधार से जुड़ा और DBT के लिए सक्रिय
- मोबाइल नंबर (वैध और अलग — OTP इसी पर आता है)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
| चरण | उस चरण का मुख्य प्रमाण |
|---|---|
| प्रथम | बालिका का जन्म प्रमाणपत्र |
| द्वितीय | टीकाकरण का रिकॉर्ड/कार्ड |
| तृतीय, चतुर्थ, पंचम | स्कूल में प्रवेश का प्रमाण (प्रवेश/फ़ीस रसीद) |
| षष्ठ | कॉलेज/डिप्लोमा में प्रवेश का प्रमाण |
पोर्टल की शर्तों के मुताबिक अगर कोई भी दस्तावेज़ या जानकारी ग़लत पाई गई तो पूरा आवेदन खारिज हो सकता है, और एक ही बालिका के डुप्लीकेट आवेदन मिलने पर सारे आवेदन निरस्त कर दिए जाते हैं। इसलिए अपलोड से पहले नाम, जन्म तारीख और आधार का मिलान कर लें।
कन्या सुमंगला योजना ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Registration Process)
- आधिकारिक वेबसाइट mksy.up.gov.in खोलें (Chrome या Edge में बेहतर चलती है)।
- होमपेज पर “शीघ्र संपर्क” के अंतर्गत नागरिक सेवा पोर्टल (यहाँ आवेदन करें) पर क्लिक करें।
- पहली बार आ रहे हैं तो “नया उपयोगकर्ता — खुद को पंजीकृत करें” चुनें, शर्तें पढ़कर “मैं सहमत हूँ” पर क्लिक करें।
- आवेदक (माता-पिता/अभिभावक/स्वयं) का विवरण और मोबाइल नंबर भरकर SMS से OTP सत्यापित करें।
- रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर मिली User ID और अपना पासवर्ड सुरक्षित रखें।
- लॉगिन करके Add Beneficiary से बालिका का विवरण जोड़ें और वह चरण चुनें जिसके लिए आप पात्र हैं।
- बैंक खाते की जानकारी भरें और उस चरण के दस्तावेज़ अपलोड करें।
- आवेदन जमा करें और मिलने वाला आवेदन नंबर/रसीद सेव कर लें। इसके बाद विभागीय स्तर पर सत्यापन होता है।
पोर्टल की एक ज़रूरी हिदायत: एक रजिस्ट्रेशन में अधिकतम 2 लाभार्थी जोड़े जा सकते हैं (या दूसरी गर्भावस्था में केवल जुड़वाँ)। अगर आप पहले से रजिस्टर्ड हैं तो बालिका को उसी रजिस्ट्रेशन में जोड़ें — नया रजिस्ट्रेशन न करें। पंजीकरण के समय एक अलग, वैध मोबाइल नंबर देना ज़रूरी है।
रजिस्ट्रेशन के बाद अगले चरणों के लिए दोबारा शुरू से रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं पड़ती; उसी खाते से बेटी के हर पड़ाव पर नया चरण चुनकर आवेदन किया जाता है।
कन्या सुमंगला योजना लॉगिन कैसे करें?
नागरिक सेवा पोर्टल (रजिस्ट्रेशन/लॉगिन पेज) पर जाकर “यदि पहले से पंजीकृत हैं? यहाँ लॉगिन करें” चुनें। रजिस्ट्रेशन के समय मिली User ID (आम तौर पर पंजीकरण संख्या) और पासवर्ड डालें। लॉगिन आईडी भूल गए हों तो पोर्टल पर लॉगिन आईडी खोजने का विकल्प मिलता है, जिसमें पंजीकृत मोबाइल नंबर की ज़रूरत होती है। पोर्टल धीमा चले तो सुबह जल्दी या रात के समय कोशिश करें।
आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें? नाम कैसे देखें?
- mksy.up.gov.in पर जाकर नागरिक सेवा पोर्टल में लॉगिन करें।
- डैशबोर्ड पर Track Application Status (आवेदन की स्थिति) विकल्प खोलें।
- यहाँ आपको दिखेगा कि आवेदन जमा है, सत्यापन में है, स्वीकृत है, या अस्वीकृत — और अस्वीकृत होने पर कारण क्या है।
- भुगतान की स्थिति भी इसी डैशबोर्ड में बालिका के चरण के सामने देखी जा सकती है।
आवेदन जमा होने और हर बड़े चरण पर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS भी आते हैं, इसलिए वही नंबर चालू रखें।
कन्या सुमंगला योजना का पैसा कब तक आएगा?
पैसा आवेदन के सत्यापन और स्वीकृति के बाद DBT के ज़रिए खाते में जाता है। आधिकारिक तौर पर कोई गारंटीशुदा तारीख नहीं दी गई है; पोर्टल की शर्तों में भी लिखा है कि सहायता दस्तावेज़ों के सत्यापन और सरकारी नीति व धनराशि की उपलब्धता के अनुसार दी जाती है। अलग-अलग जिलों में समय अलग हो सकता है — कहीं कुछ हफ़्ते, कहीं कुछ महीने।
अगर पैसा रुका हुआ है तो ये बातें जाँचें:
- बैंक खाता आधार से जुड़ा (seeded) है या नहीं, और DBT के लिए सक्रिय है या नहीं — इसके लिए बैंक शाखा में पूछें।
- आवेदन में भरा नाम, जन्म तारीख और आधार का विवरण दस्तावेज़ों से मेल खाता है या नहीं।
- दस्तावेज़ साफ़ और सही चरण के हैं या नहीं।
- आवेदन अस्वीकृत तो नहीं हुआ — पोर्टल पर कारण देखकर सुधार करें और ज़रूरत हो तो दोबारा आवेदन करें।
कन्या सुमंगला योजना फॉर्म PDF और ऑफ़लाइन आवेदन
विभाग द्वारा जारी आवेदन पत्र का प्रारूप महिला कल्याण विभाग की वेबसाइट पर PDF के रूप में उपलब्ध है। जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत हो, वे अपने जिले के जिला प्रोबेशन कार्यालय या स्थानीय आंगनबाड़ी/ICDS कार्यालय से पूछ सकते हैं कि फ़ॉर्म कहाँ जमा होगा और आवेदन में कैसे मदद मिलेगी। स्थानीय प्रक्रिया जिले के हिसाब से थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए जाने से पहले पता कर लें।
हेल्पलाइन और संपर्क
योजना की हेल्पलाइन और हेल्पडेस्क की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध रहती है। इंटरनेट पर अलग-अलग वेबसाइटें अलग-अलग टोल-फ्री नंबर बताती हैं, इसलिए किसी अनजान पेज का नंबर मानने के बजाय mksy.up.gov.in पर दिया नंबर ही इस्तेमाल करें। लिखित संपर्क के लिए विभाग का पता:
महिला कल्याण निदेशालय, उत्तर प्रदेश सरकार
8वीं मंज़िल, जवाहर भवन, अशोक मार्ग, लखनऊ – 226001
कन्या सुमंगला बनाम अन्य बेटी योजनाएँ
सर्च में अक्सर नाम मिलते-जुलते होने से भ्रम हो जाता है। तीनों अलग योजनाएँ हैं:
| योजना | किसकी योजना | स्वरूप |
|---|---|---|
| मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना | उत्तर प्रदेश सरकार | जन्म से उच्च शिक्षा तक 6 चरणों में ₹25,000 की सहायता |
| सुकन्या समृद्धि योजना | केंद्र सरकार (बैंक/डाकघर खाता) | बेटी के नाम बचत खाता; माता-पिता खुद पैसा जमा करते हैं |
| मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना | बिहार सरकार | बिहार की बालिकाओं के लिए अलग योजना |
कन्या सुमंगला में सरकार आपको पैसा देती है, जबकि सुकन्या समृद्धि में आप अपनी बचत जमा करते हैं। दोनों एक साथ भी चल सकती हैं।
आवेदन में आम गलतियाँ, जिनसे फ़ॉर्म रिजेक्ट होता है
- एक ही बालिका के लिए दो बार आवेदन कर देना (डुप्लीकेट आवेदन पर सब निरस्त हो जाते हैं)।
- आधार और दस्तावेज़ों में नाम या जन्म तारीख का अंतर।
- बैंक खाता आधार से न जुड़ा होना।
- धुंधले या ग़लत चरण के दस्तावेज़ अपलोड करना।
- पहले से रजिस्टर्ड होने के बावजूद नया रजिस्ट्रेशन बना लेना।
- चरण की समय-सीमा निकल जाने के बाद आवेदन करना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
कन्या सुमंगला योजना क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसमें पात्र परिवार की बेटी को जन्म से स्नातक/डिप्लोमा में प्रवेश तक 6 चरणों में कुल ₹25,000 की आर्थिक सहायता DBT से दी जाती है।
कन्या सुमंगला योजना में कितना पैसा मिलता है?
कुल ₹25,000: जन्म पर ₹5,000, टीकाकरण पर ₹2,000, कक्षा 1 में प्रवेश पर ₹3,000, कक्षा 6 में ₹3,000, कक्षा 9 में ₹5,000 और स्नातक/डिप्लोमा में प्रवेश पर ₹7,000।
कन्या सुमंगला योजना कब शुरू हुई?
योजना 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद जन्मी बालिकाओं के लिए शुरू हुई और आधिकारिक पोर्टल का उद्घाटन 25 अक्टूबर 2019 को हुआ।
कन्या सुमंगला योजना के लिए आय सीमा कितनी है?
परिवार की वार्षिक आय अधिकतम ₹3 लाख होनी चाहिए।
एक परिवार की कितनी बेटियों को लाभ मिलता है?
अधिकतम दो बेटियों को। दूसरे प्रसव में जुड़वाँ बच्चों जैसे विशेष मामलों में तीसरी बेटी को भी लाभ मिल सकता है।
कन्या सुमंगला योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
mksy.up.gov.in पर जाएँ, नागरिक सेवा पोर्टल में नया रजिस्ट्रेशन करें, मोबाइल OTP से सत्यापन करें, लॉगिन कर बालिका जोड़ें, चरण चुनें, दस्तावेज़ अपलोड करें और आवेदन जमा करें।
कन्या सुमंगला योजना का स्टेटस कैसे देखें?
पोर्टल पर लॉगिन करके डैशबोर्ड में Track Application Status खोलें। वहाँ आवेदन की स्थिति और भुगतान का विवरण दिखता है।
कन्या सुमंगला योजना का पैसा कब आएगा?
सत्यापन और स्वीकृति के बाद पैसा DBT से खाते में आता है। कोई तय तारीख नहीं है; समय जिले और दस्तावेज़ों के सत्यापन पर निर्भर करता है।
क्या रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फ़ीस लगती है?
नहीं। यह सरकारी योजना है और पोर्टल पर आवेदन निःशुल्क है। पैसा माँगने वाले किसी भी व्यक्ति या साइट से सावधान रहें।
क्या ओडिशा की बेटियाँ कन्या सुमंगला योजना में आवेदन कर सकती हैं?
नहीं। यह योजना केवल उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए है।
निष्कर्ष
कन्या सुमंगला योजना की सबसे बड़ी ताक़त इसका चरणबद्ध ढाँचा है — बेटी के हर अहम पड़ाव पर परिवार को सहारा मिलता है। बस दो बातों का ध्यान रखें: पहला रजिस्ट्रेशन बेटी के जन्म के बाद जल्दी करा लें, और हर चरण के दस्तावेज़ व बैंक-आधार लिंकिंग पहले से तैयार रखें। इससे न आवेदन अटकेगा, न किस्त।
अस्वीकरण: ekycmitra.com कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है। यहाँ दी गई जानकारी आधिकारिक पोर्टल के आधार पर सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। योजना के नियम, राशि और प्रक्रिया बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले mksy.up.gov.in पर ताज़ा जानकारी ज़रूर देखें। अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026।








