गांव में आपने भी “Lakhpati Didi Yojana” का नाम सुना होगा और शायद यही सोच रहे होंगे कि इसका फॉर्म कहां भरना है, कितने रुपये मिलते हैं और आवेदन की आखिरी तारीख क्या है। पहले ही एक बात साफ कर दें: लखपति दीदी कोई ऐसी योजना नहीं है जिसमें फॉर्म भरते ही खाते में पैसे आ जाएं। यह स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाने का सरकारी अभियान है। नीचे हमने सरकारी दस्तावेज़ों, PIB और संसद में दिए गए जवाबों के आधार पर पूरी जानकारी आसान भाषा में रखी है।
संक्षेप में जवाब: लखपति दीदी योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय की पहल है, जो DAY-NRLM के तहत चलती है। इसका मकसद स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों को ऐसे आजीविका साधनों से जोड़ना है कि उनके परिवार की सालाना आय कम से कम ₹1 लाख हो जाए। इसमें महिला को सीधे नकद राशि नहीं मिलती। समूह को रिवॉल्विंग फंड, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड, बैंक लोन और ब्याज सहायता जैसी मदद मिलती है।
लखपति दीदी योजना एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | लखपति दीदी पहल (Lakhpati Didi) |
| किसने शुरू की | भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| किसके तहत | दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) |
| घोषणा | 15 अगस्त 2023 (लाल किले से प्रधानमंत्री का भाषण) |
| लाभार्थी | स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं |
| लखपति दीदी की शर्त | परिवार की सालाना आय ₹1 लाख या उससे ज्यादा, औसत मासिक आय ₹10,000 से अधिक |
| वर्तमान लक्ष्य | 6 करोड़ लखपति दीदी (मार्च 2029 तक) |
| आवेदन का तरीका | अलग ऑनलाइन फॉर्म नहीं, SHG और राज्य आजीविका मिशन के जरिए |
| आधिकारिक वेबसाइट | lakhpatididi.gov.in |
Lakhpati Didi Yojana क्या है?
लखपति दीदी योजना को अलग से शुरू की गई कोई नई स्कीम समझने की गलती न करें। यह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के भीतर चलने वाली पहल है। मिशन पहले से ही गांवों में महिलाओं के स्वयं सहायता समूह बनवाता रहा है। अब सोच यह है कि सिर्फ बचत और छोटे कर्ज तक न रुककर हर समूह की महिला को एक से ज्यादा आजीविका (खेती, पशुपालन, सिलाई, दुकान, प्रसंस्करण आदि) से जोड़ा जाए, ताकि घर की आमदनी टिकाऊ ढंग से ₹1 लाख सालाना के पार जाए।
सरकारी परिभाषा के अनुसार लखपति दीदी वह SHG सदस्य है जिसकी घरेलू आय कम से कम चार कृषि सीजन या कारोबारी चक्र तक ₹1 लाख सालाना या उससे अधिक बनी रहे और औसत मासिक आय ₹10,000 से ऊपर हो। यानी एक बार की कमाई गिनती में नहीं आती, आय का टिकाऊ होना जरूरी है।
लखपति दीदी योजना कब शुरू हुई?
प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2023 को स्वतंत्रता दिवस के भाषण में 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था। फरवरी 2024 के अंतरिम बजट में वित्त मंत्री ने इसे बढ़ाकर 3 करोड़ कर दिया। साल 2026 की शुरुआत तक यह आंकड़ा 3 करोड़ पार कर गया, यानी तय समय से करीब एक साल पहले। 15 अगस्त 2026 को लाल किले से प्रधानमंत्री ने बताया कि 3 करोड़ का लक्ष्य पार हो चुका है और अब 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने की तैयारी है।
अब तक की प्रगति (साल दर साल)
| समय | लखपति दीदी की संख्या / लक्ष्य |
|---|---|
| अगस्त 2023 | 2 करोड़ का लक्ष्य घोषित |
| अगस्त 2024 | 1 करोड़ से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बनीं |
| फरवरी 2024 (बजट) | लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ |
| अगस्त 2025 | लगभग 1.5 करोड़ |
| 2026 की शुरुआत | 3 करोड़ से ज्यादा, पुराना लक्ष्य पूरा |
| 31 मार्च 2026 | लोकसभा में बताया गया: 3.46 करोड़ से ज्यादा |
| नया लक्ष्य | 6 करोड़ (मार्च 2029 तक) |
लोकसभा में सरकार ने यह भी बताया कि 6 करोड़ के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 4.10 करोड़ का अतिरिक्त लक्ष्य दिया गया है। खबरों के मुताबिक 2026-27 में DAY-NRLM का बजट भी बढ़ाकर लगभग ₹17,280 करोड़ किया गया है।
लखपति दीदी योजना की पात्रता
सरकार ने “संभावित लखपति दीदी” की पहचान के लिए कुछ मोटी शर्तें तय की हैं। इनमें सभी वर्गों की महिलाओं को बराबर मौका दिया जाता है।
- महिला किसी स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य हो, जो DAY-NRLM से जुड़ा है।
- SHG में कम से कम दो साल पूरे हो चुके हों।
- समूह को कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF) का लाभ मिल चुका हो।
- महिला मिशन की आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हो और कम से कम दो आजीविका साधन अपना रही हो।
- परिवार की आय बढ़ाकर टिकाऊ ढंग से ₹1 लाख सालाना करने की योजना बन सके।
जो महिला अभी किसी समूह में नहीं है, उसे सबसे पहले समूह से जुड़ना होगा। बिना SHG के इस पहल का लाभ नहीं मिलता।
लखपति दीदी योजना में कितना पैसा मिलता है?
यही सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल है, और यहीं सबसे ज्यादा भ्रम भी है। इस पहल में कोई तय रकम सीधे महिला के खाते में नहीं भेजी जाती। मदद अलग-अलग रूपों में समूह और उसके सदस्यों तक पहुंचती है:
| सहायता | कितनी और किसे |
|---|---|
| रिवॉल्विंग फंड (RF) | प्रति पात्र SHG ₹20,000 से ₹30,000, ताकि समूह के भीतर आपसी कर्ज शुरू हो सके |
| कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF) | प्रति SHG अधिकतम ₹2.5 लाख, सदस्यों को आजीविका के लिए कर्ज देने हेतु |
| बैंक लोन | SHG को बिना गारंटी (collateral-free) ₹20 लाख तक |
| ब्याज सहायता | बैंक की दर और 7% के बीच का अंतर सरकार भरती है, प्रति SHG अधिकतम ₹3 लाख तक के कर्ज पर |
| ओवरड्राफ्ट | जन-धन खाते वाली हर SHG सदस्य के लिए ₹5,000 की सीमा |
| महिला उद्यम त्वरण कोष (व्यक्तिगत उद्यम) | ₹5 लाख तक के लोन पर अधिकतम 5 साल के लिए क्रेडिट गारंटी, और ₹1.5 लाख तक के लोन पर 3 साल तक ब्याज सहायता |
| महिला उद्यम त्वरण कोष (सामूहिक उद्यम/FPO) | कर्ज के 50% तक (या अधिकतम ₹2 करोड़) की कोलैटरल सहायता, और ₹25 लाख या कर्ज के 10% तक प्रोत्साहन |
“₹5 लाख का बिना ब्याज लोन” वाली बात कितनी सही है?
कई वेबसाइटों और वीडियो में लिखा मिलता है कि लखपति दीदी में ₹5 लाख तक ब्याज-मुक्त लोन मिलता है। सरकारी दस्तावेज़ों में यह दावा इस रूप में नहीं है। ₹5 लाख का आंकड़ा व्यक्तिगत उद्यम के लोन पर मिलने वाली क्रेडिट गारंटी की सीमा है, और ब्याज सहायता ₹1.5 लाख तक के लोन पर तीन साल के लिए बताई गई है। इसलिए किसी के कहने पर “₹5 लाख मुफ्त मिलेंगे” मान लेना ठीक नहीं है। असली शर्तें अपने जिले की आजीविका मिशन टीम या बैंक शाखा से पूछकर ही पक्की करें।
लखपति दीदी योजना में आवेदन कैसे करें? (फॉर्म, PDF और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन)
सीधी बात: इस पहल के लिए कोई अलग ऑनलाइन आवेदन फॉर्म या “form pdf” सरकार ने जारी नहीं किया है। जो साइटें पैसे लेकर फॉर्म भरवाने या रजिस्ट्रेशन कराने की बात करती हैं, उनसे बचें। प्रक्रिया SHG के रास्ते चलती है और कुछ इस तरह आगे बढ़ती है:
- समूह का पता करें: अपने गांव या वार्ड में चल रहे SHG के बारे में ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की टीम से जानकारी लें।
- समूह से जुड़ें या नया बनवाएं: समूह न हो तो मिशन की मदद से नया समूह बन सकता है। नियमित बैठक, बचत और आपसी लेन-देन इसकी बुनियाद है।
- बैंक खाता और जन-धन: समूह और सदस्य, दोनों के बैंक खाते चालू रखें। ओवरड्राफ्ट जैसी सुविधा जन-धन खाते पर मिलती है।
- RF और CIF: पात्र होने पर समूह को रिवॉल्विंग फंड और CIF मिलता है, जिससे सदस्य छोटे कर्ज लेकर काम शुरू करते हैं।
- आजीविका योजना बनवाएं: मिशन की कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन (CRP) आपके परिवार के साथ बैठकर “लखपति दीदी आजीविका प्लान” तैयार करती हैं। इसमें कम से कम दो आजीविका साधन तय होते हैं।
- आय का रिकॉर्ड: आय की जानकारी डिजिटल आजीविका रजिस्टर (Digital Aajeevika Register) में हर छह महीने या सीजन के हिसाब से दर्ज होती है।
- लखपति दीदी का दर्जा: चार सीजन या कारोबारी चक्र तक आय ₹1 लाख सालाना के आसपास या ऊपर टिकने पर महिला लखपति दीदी के रूप में गिनी जाती है।
जरूरी दस्तावेज़
अलग से तय दस्तावेज़ों की कोई सरकारी सूची नहीं है, लेकिन आम तौर पर ये चीजें मांगी जाती हैं। अपनी मिशन टीम या बैंक से एक बार पुष्टि जरूर कर लें:
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक (जन-धन या बचत खाता)
- मोबाइल नंबर, जो आधार से जुड़ा हो
- SHG सदस्यता की जानकारी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- कर्ज लेने की स्थिति में व्यवसाय या आजीविका की जानकारी
अगर आपके आधार से जुड़ी बाकी सेवाओं में भी दिक्कत आती है, तो हमारी उज्ज्वला योजना की गाइड जैसी eKYC से जुड़ी दूसरी जानकारी भी काम आ सकती है।
लखपति दीदी योजना ऑनलाइन अप्लाई 2026: आखिरी तारीख क्या है?
चूंकि यह कोई एक बार खुलने वाली आवेदन योजना नहीं है, इसलिए इसकी कोई तय “last date” नहीं है। SHG से जुड़ने की प्रक्रिया पूरे साल चलती है। हां, राज्य की अपनी ऋण योजनाओं में समय-समय पर शिविर या अभियान चल सकते हैं, जिनकी जानकारी आपके जिले की आजीविका मिशन टीम देती है।
राज्यवार जानकारी: राजस्थान, महाराष्ट्र, UP, MP और गुजरात
लखपति दीदी केंद्र की पहल है, पर इसे जमीन पर राज्यों के अपने ग्रामीण आजीविका मिशन चलाते हैं। नियम और पात्रता का ढांचा वही रहता है, लेकिन कुछ राज्यों ने अपनी अलग मदद भी जोड़ी है।
| राज्य | लागू करने वाला मिशन | खास बात |
|---|---|---|
| राजस्थान | राजीविका (राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद) | मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना, बजट 2026-27 में लोन सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 लाख की घोषणा |
| महाराष्ट्र | उमेद (MSRLM) | 31 मार्च 2026 तक लगभग 49.62 लाख लखपति दीदी सत्यापित, राज्य बजट 2026 में 25 लाख और का लक्ष्य |
| उत्तर प्रदेश | UPSRLM | केंद्र वाला ढांचा ही लागू, समूहों के जरिए आजीविका और बैंक लिंकेज |
| मध्य प्रदेश | राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन | केंद्र वाला ढांचा ही लागू, SHG और CRP के जरिए आजीविका योजना |
| गुजरात | गुजरात लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी (मिशन मंगलम) | केंद्र वाला ढांचा ही लागू |
| बिहार | जीविका (BRLPS) | 6 करोड़ लक्ष्य की रणनीति पर क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन |
लखपति दीदी योजना राजस्थान
राजस्थान में यह पहल राजीविका के जरिए चलती है। 23 दिसंबर 2023 को जैसलमेर में हुए लखपति दीदी सम्मेलन में राज्य में 11.24 लाख महिलाओं को इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य बताया गया था। राज्य बजट 2025-26 में राजीविका के जरिए 20 लाख महिलाओं को सशक्त बनाने की बात कही गई और ₹1 लाख तक का लोन 1.5% ब्याज पर देने का प्रावधान बताया गया, जो पहले 2.5% था। बजट 2026-27 में लोन की सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 लाख करने की घोषणा हुई। लोन की मौजूदा ब्याज दर और शर्तें बदलती रहती हैं, इसलिए अपने ब्लॉक की राजीविका टीम से जरूर पूछ लें।
लखपति दीदी योजना महाराष्ट्र, UP, MP और गुजरात
इन राज्यों में अलग से कोई दूसरी “लखपति दीदी योजना” नहीं है, जो केंद्र वाली पहल से हटकर हो। अगर कोई वेबसाइट किसी राज्य के नाम पर अलग फॉर्म या अलग पोर्टल का दावा करे, तो पहले आधिकारिक साइट और अपने जिला मिशन कार्यालय से जांच लें। राज्यवार संख्या और लक्ष्य के लिए राज्यवार लक्ष्य पेज देख सकते हैं।
इस पहल के फायदे
- समूह के जरिए कम ब्याज पर कर्ज और बचत की आदत।
- एक आजीविका पर निर्भर रहने के बजाय कई स्रोतों से कमाई, जिससे जोखिम घटता है।
- CRP की मदद से आजीविका योजना और बाजार से जुड़ाव।
- प्रशिक्षण और अनुभवी महिलाओं से सीखने का मौका।
- उद्यम शुरू करने पर क्रेडिट गारंटी और ब्याज सहायता।
- जन-धन खाते पर ₹5,000 तक ओवरड्राफ्ट।
पहल कैसे चलती है: पांच कदम की प्रक्रिया
PIB की जानकारी के अनुसार मंत्रालय ने इसके लिए एक चरणबद्ध ढांचा बनाया है: संभावित लखपति दीदी की पहचान, मास्टर ट्रेनर और CRP का पूल तैयार करना, इन सबकी ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण, हर परिवार की आजीविका योजना बनाना, और CRP के जरिए लगातार हैंडहोल्डिंग व डिजिटल रजिस्टर में आय की निगरानी। जुलाई 2024 तक यह पहल 742 जिलों के 7,132 ब्लॉकों तक पहुंच चुकी थी, 2.47 करोड़ संभावित लखपति दीदी पहचानी जा चुकी थीं, और करीब 3 लाख CRP व 6,611 मास्टर ट्रेनर तैयार थे।
UPSC और परीक्षा के लिए जरूरी तथ्य
| सवाल | जवाब |
|---|---|
| नोडल मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| किस मिशन के तहत | DAY-NRLM |
| घोषणा | 15 अगस्त 2023 |
| लखपति दीदी की परिभाषा | SHG सदस्य, घरेलू आय ₹1 लाख+ सालाना, औसत मासिक ₹10,000 से अधिक, 4 सीजन/चक्र तक |
| लक्ष्य | पहले 2 करोड़, फिर 3 करोड़ (पूरा), अब 6 करोड़ (मार्च 2029) |
| मुख्य फंड | रिवॉल्विंग फंड, CIF, महिला उद्यम त्वरण कोष |
| डेटा कहां दर्ज | डिजिटल आजीविका रजिस्टर (LokOS प्लेटफॉर्म) |
ठगी से कैसे बचें?
जब भी किसी योजना का नाम लोकप्रिय होता है, फर्जी साइट और एजेंट सक्रिय हो जाते हैं। ध्यान रखें कि इस पहल में रजिस्ट्रेशन या “लखपति दीदी कार्ड” के नाम पर पैसे देने की कोई सरकारी व्यवस्था नहीं है। कोई भी फीस मांगे, OTP या बैंक की जानकारी मांगे, तो आगे न बढ़ें। जानकारी के लिए सिर्फ अपने ब्लॉक कार्यालय, राज्य आजीविका मिशन या आधिकारिक वेबसाइट पर भरोसा करें।
लखपति दीदी योजना: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
लखपति दीदी योजना क्या है?
यह DAY-NRLM के तहत चलने वाली पहल है, जिसका लक्ष्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कई आजीविकाओं से जोड़कर उनके परिवार की सालाना आय ₹1 लाख या उससे ज्यादा करना है।
लखपति दीदी योजना कब शुरू हुई?
इसकी घोषणा 15 अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री ने लाल किले से की थी। शुरुआती लक्ष्य 2 करोड़ था, जिसे बाद में 3 करोड़ किया गया और अब 6 करोड़ तय है।
लखपति दीदी योजना में कितना पैसा मिलता है?
महिला को सीधे कोई तय नकद राशि नहीं मिलती। समूह को ₹20,000 से ₹30,000 का रिवॉल्विंग फंड, अधिकतम ₹2.5 लाख का CIF और ₹20 लाख तक का बिना गारंटी बैंक लोन मिल सकता है। इसके अलावा ब्याज सहायता और क्रेडिट गारंटी जैसी सुविधाएं हैं।
लखपति दीदी योजना का फॉर्म कहां भरें और क्या फॉर्म PDF उपलब्ध है?
इसके लिए कोई अलग सरकारी ऑनलाइन फॉर्म या PDF जारी नहीं है। महिला को पहले स्वयं सहायता समूह से जुड़ना होता है और आगे की प्रक्रिया राज्य आजीविका मिशन की टीम के जरिए होती है।
लखपति दीदी योजना की पात्रता क्या है?
महिला SHG की सदस्य हो, समूह में कम से कम दो साल हो चुके हों, समूह को CIF मिला हो और वह कम से कम दो आजीविका गतिविधियां कर रही हो।
क्या लखपति दीदी योजना में ₹5 लाख का बिना ब्याज लोन मिलता है?
सरकारी दस्तावेज़ों के अनुसार ₹5 लाख व्यक्तिगत उद्यम के लोन पर क्रेडिट गारंटी की सीमा है। ब्याज सहायता ₹1.5 लाख तक के लोन पर तीन साल के लिए बताई गई है। इसे बिना ब्याज का ₹5 लाख मानना सही नहीं है।
राजस्थान में लखपति दीदी योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
राजस्थान में यह राजीविका के जरिए चलती है। अपने ब्लॉक की राजीविका टीम से संपर्क करके SHG से जुड़ें। राज्य की मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना की मौजूदा सीमा और ब्याज दर भी वहीं से पक्की करें।
अब तक कितनी महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं?
लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार 31 मार्च 2026 तक 3.46 करोड़ से ज्यादा SHG सदस्य लखपति दीदी का दर्जा हासिल कर चुकी थीं। अगला लक्ष्य 6 करोड़ है।
लखपति दीदी योजना की आखिरी तारीख क्या है?
इसकी कोई तय आखिरी तारीख नहीं है, क्योंकि यह एक बार खुलने वाली आवेदन योजना नहीं बल्कि SHG आधारित सतत प्रक्रिया है।
निष्कर्ष
लखपति दीदी का असली मतलब लोन या सब्सिडी का पैकेज नहीं, बल्कि एक पूरी प्रक्रिया है: समूह से जुड़ना, कई आजीविकाएं अपनाना, ट्रेनिंग और हैंडहोल्डिंग लेना, और कुछ सीजन तक आय को टिकाऊ बनाना। अगर आप या आपके घर की कोई महिला किसी SHG से जुड़ी है, तो अपने ब्लॉक के आजीविका मिशन कार्यालय में जाकर आजीविका प्लान के बारे में पूछिए। अगर समूह से नहीं जुड़ी हैं, तो शुरुआत वहीं से करें। फॉर्म या रजिस्ट्रेशन के नाम पर किसी को पैसे देने की जरूरत नहीं है।
आधिकारिक स्रोत और संदर्भ
- लखपति दीदी आधिकारिक पोर्टल
- PIB: Lakhpati Didi Scheme (ग्रामीण विकास मंत्रालय)
- लोकसभा में दिया गया जवाब (मार्च 2026 के आंकड़े)
- प्रधानमंत्री का 15 अगस्त 2026 का संबोधन, 6 करोड़ लक्ष्य
नोट: यह लेख सूचना के उद्देश्य से है। योजना की शर्तें, लोन सीमा और ब्याज दरें समय-समय पर बदल सकती हैं, इसलिए निर्णय से पहले अपने जिला आजीविका मिशन कार्यालय या आधिकारिक पोर्टल से जानकारी की पुष्टि जरूर करें।





