राशन कार्ड फेस ऑथेंटिकेशन | राशन की दुकान पर लाइन में खड़े होकर बार-बार अंगूठा लगाना और मशीन का “फिंगरप्रिंट मैच नहीं हुआ” कहना, बुजुर्गों और मजदूर परिवारों के लिए बरसों से सिरदर्द रहा है। अब इस परेशानी का एक नया रास्ता खुल रहा है। आधार दिवस (29 सितंबर 2026) पर ई-पीडीएस में फेस ऑथेंटिकेशन शुरू करने का ऐलान हुआ और इसकी शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 से होनी है। यानी अंगूठा न चले तो अब चेहरे से पहचान हो सकेगी।
संक्षेप में जानिए (Quick Answer)
- 1 अक्टूबर 2026 से ई-पीडीएस (राशन वितरण प्रणाली) में फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा शुरू होने की घोषणा हुई है।
- जिन लाभार्थियों का फिंगरप्रिंट मशीन पर मैच नहीं होता, वे चेहरा दिखाकर अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे।
- इसके लिए राशन दुकानों की ई-पॉस (e-PoS) मशीनें अपडेट की जाएंगी।
- यह फिंगरप्रिंट का विकल्प है, पूरी तरह बंद होने की घोषणा नहीं। राशन कार्ड की ई-केवाईसी पहले की तरह जरूरी है।
राशन कार्ड फेस ऑथेंटिकेशन – आखिर क्या बदला है?
17वें आधार दिवस पर यूआईडीएआई (UIDAI) की ओर से ई-पीडीएस के लिए फेस ऑथेंटिकेशन की शुरुआत की घोषणा की गई। अब तक राशन लेते समय पहचान का मुख्य तरीका ई-पॉस मशीन पर अंगूठे या उंगली का निशान था। नई व्यवस्था में उसी मशीन पर चेहरे से वेरिफिकेशन का रास्ता भी जुड़ जाएगा।
ध्यान रहे कि 1 अक्टूबर से इसे व्यवस्था में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसका मतलब यह नहीं कि उसी दिन देश की हर राशन दुकान पर चेहरा स्कैन होने लगेगा। मशीनों का अपडेट और राज्यों में लागू होने की रफ्तार अलग-अलग हो सकती है।
क्या अंगूठा लगाने की झंझट सच में खत्म हो गई?
सीधा जवाब: पूरी तरह नहीं। कई खबरों की हेडलाइन पढ़कर लगता है कि अंगूठा अब बंद, लेकिन घोषणा का असली मतलब यह है कि जहां फिंगरप्रिंट से पहचान नहीं हो पाती, वहां चेहरे से पहचान का दूसरा विकल्प मिलेगा। जिन लोगों का अंगूठा आराम से मैच हो जाता है, उनके लिए अपनी तरफ से कोई नई मुश्किल खड़ी नहीं होती।
किन लोगों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी?
फिंगरप्रिंट की दिक्कत सबसे ज्यादा उन लोगों को होती है जिनकी उंगलियों के निशान साफ नहीं आते या समय के साथ घिस गए हैं।
- बुजुर्ग: उम्र के साथ उंगलियों की त्वचा बदल जाती है और निशान धुंधले पड़ जाते हैं।
- मेहनत-मजदूरी करने वाले: खेत, निर्माण या दूसरे भारी काम में हाथ घिसने से निशान साफ नहीं रहते।
- बच्चे: छोटे बच्चों के फिंगरप्रिंट कई बार मशीन ठीक से नहीं पढ़ पाती।
राशन लेते समय अब प्रक्रिया क्या रहेगी?
अभी तक जारी जानकारी के आधार पर मोटे तौर पर तरीका यह रहेगा:
- राशन दुकान पर जाकर अपना आधार या राशन कार्ड विवरण बताएं।
- पहले की तरह फिंगरप्रिंट से पहचान की कोशिश होगी।
- अगर फिंगरप्रिंट मैच न हो, तो अपडेटेड ई-पॉस मशीन पर फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प चुना जा सकेगा।
- चेहरे से पहचान सत्यापित होने के बाद ही राशन वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सटीक तरीका (जैसे किस दुकान पर कब से मशीन अपडेट होगी) आपके राज्य का खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तय करेगा, इसलिए अपनी दुकान या जिला पूर्ति कार्यालय से पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा।
राशन कार्ड की ई-केवाईसी अब भी जरूरी है
फेस ऑथेंटिकेशन से राशन कार्ड ई-केवाईसी की जरूरत खत्म नहीं होती। राशन कार्ड को आधार से जोड़ने और लाभार्थियों की पहचान पक्की करने का अभियान पहले से चल रहा है, और फेस वेरिफिकेशन उसी डिजिटल प्रक्रिया को आसान बनाने का कदम है। कुछ जिलों में तो यह भी बताया गया है कि नया राशन कार्ड बनने के बाद उसे सक्रिय कराने के लिए ई-केवाईसी जरूरी की गई है।
| आपकी स्थिति | क्या करें |
|---|---|
| फिंगरप्रिंट आराम से मैच हो जाता है | पहले की तरह राशन लेते रहें, ई-केवाईसी पूरी है या नहीं यह जांच लें |
| फिंगरप्रिंट बार-बार फेल होता है | दुकान पर फेस ऑथेंटिकेशन के विकल्प के बारे में पूछें |
| राशन कार्ड की ई-केवाईसी बाकी है | जल्द से जल्द अपने क्षेत्र की व्यवस्था के अनुसार पूरी कराएं |
| नया राशन कार्ड बना है | कार्ड सक्रिय कराने के लिए ई-केवाईसी की जरूरत जिला स्तर पर पूछ लें |
इन बातों का ध्यान रखें
- अपने राशन कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर सही रखें, ताकि जरूरी सूचनाएं मिलती रहें।
- लगातार लंबे समय तक राशन न उठाने पर कुछ जगहों पर कार्ड की जांच या कार्रवाई की बात सामने आई है, इसलिए नियमित रूप से राशन लेते रहें।
- फेस वेरिफिकेशन के नाम पर कोई अतिरिक्त पैसा मांगे तो चुप न रहें। अब तक की घोषणा में ऐसी किसी फीस का जिक्र नहीं है, शिकायत जिला पूर्ति अधिकारी या राज्य हेल्पलाइन पर करें।
- सोशल मीडिया पर चल रहे अधूरे या बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए दावों पर भरोसा करने से पहले राज्य खाद्य विभाग या UIDAI की आधिकारिक जानकारी देखें।
e-PDS क्या है?
e-PDS यानी इलेक्ट्रॉनिक पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम राशन वितरण को डिजिटल और ज्यादा पारदर्शी बनाने वाली व्यवस्था है। इसमें राशन कार्ड धारकों का रिकॉर्ड, राशन का वितरण और पहचान सत्यापन डिजिटल तरीके से संभाला जाता है। इससे राशन वितरण में गड़बड़ी की गुंजाइश कम होने की उम्मीद रहती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या राशन लेने के लिए अब अंगूठा लगाना बंद हो गया है?
नहीं। फिंगरप्रिंट अब भी पहचान का तरीका है। नई सुविधा के तहत फिंगरप्रिंट मैच न होने पर चेहरे से वेरिफिकेशन का विकल्प मिलेगा।
राशन में फेस ऑथेंटिकेशन कब से शुरू होगा?
ई-पीडीएस में इसे 1 अक्टूबर 2026 से शुरू करने की घोषणा की गई है। राज्यों और दुकानों पर मशीनें अपडेट होने की गति अलग-अलग हो सकती है।
फेस वेरिफिकेशन के लिए क्या करना होगा?
अगर फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता, तो राशन दुकान की अपडेटेड ई-पॉस मशीन के सामने चेहरा दिखाकर पहचान सत्यापित की जा सकेगी।
क्या फेस ऑथेंटिकेशन आने के बाद ई-केवाईसी जरूरी नहीं रहेगी?
ई-केवाईसी जरूरी बनी हुई है। फेस ऑथेंटिकेशन उस प्रक्रिया का विकल्प नहीं, बल्कि पहचान सत्यापन का एक और आसान तरीका है।
किन लोगों को इससे ज्यादा फायदा होगा?
बुजुर्गों, बच्चों और ऐसे मजदूरों को, जिनके फिंगरप्रिंट मशीन पर बार-बार मैच नहीं हो पाते।
आधिकारिक जानकारी कहां देखें
आधार से जुड़ी आधिकारिक घोषणाओं के लिए UIDAI की वेबसाइट और राशन कार्ड व खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए अपने राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की वेबसाइट देखें। राष्ट्रीय स्तर की जानकारी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग पर उपलब्ध रहती है।
नोट: यह लेख 2 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध खबरों और घोषणाओं पर आधारित है। लागू होने की तारीख और प्रक्रिया राज्य के अनुसार बदल सकती है, इसलिए अंतिम पुष्टि अपने जिले के पूर्ति कार्यालय से जरूर कर लें।








