अगर आप किसान हैं और अब तक आपकी फार्मर आईडी नहीं बनी, तो यह लेख आपके लिए है। यहां हम सरल भाषा में बताएंगे कि Farmer Registry क्या है, किन दस्तावेजों की जरूरत होगी, यूपी, राजस्थान, एमपी जैसे राज्यों में रजिस्ट्रेशन कैसे करें, स्टेटस कैसे देखें, आईडी कैसे डाउनलोड करें और पीएम किसान से इसका क्या संबंध है।
Quick Answer: Farmer Registry एग्रीस्टैक (AgriStack) के तहत बनने वाला किसानों का डिजिटल रजिस्टर है। इसमें किसान का आधार, मोबाइल नंबर, जमीन का रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी) और बैंक जानकारी जोड़कर एक यूनिक फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) बनाई जाती है। रजिस्ट्रेशन अपने राज्य के Farmer Registry पोर्टल (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए upfr.agristack.gov.in), मोबाइल ऐप, CSC या गांव के कैंप से होता है। सरकारी स्तर पर यह निःशुल्क है और आईडी बनने के बाद उसी पोर्टल से स्टेटस चेक व डाउनलोड कर सकते हैं।
Farmer Registry क्या है?
केंद्र सरकार के डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीस्टैक तैयार किया जा रहा है। इसमें तीन बुनियादी रजिस्ट्री हैं: Farmer Registry, जियो-रेफरेंस्ड विलेज मैप्स और क्रॉप सोन रजिस्ट्री। इन्हें राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने स्तर पर बनाते और संभालते हैं, यानी आपका डेटा आपके राज्य की रजिस्ट्री में रहता है।
Farmer Registry में हर किसान की एक प्रोफाइल बनती है, जिसमें उसकी पहचान, जमीन और बैंक की जानकारी जुड़ी होती है। इसी प्रोफाइल को जो यूनिक नंबर मिलता है, उसे Farmer ID या किसान पहचान पत्र कहते हैं। सरकार का मकसद यह है कि पीएम किसान, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, उर्वरक और एमएसपी खरीद जैसी सेवाओं के लिए बार-बार कागज न देने पड़ें।
Farmer ID क्यों जरूरी है?
| सेवा / योजना | फार्मर आईडी से क्या फर्क पड़ता है |
|---|---|
| पीएम किसान सम्मान निधि | 14 राज्यों में नए रजिस्ट्रेशन के लिए फार्मर आईडी जरूरी बताई गई है; कई राज्यों में पुराने लाभार्थियों को भी आईडी बनवाने की सलाह है |
| उर्वरक (खाद) वितरण | राजस्थान के राजसमंद और सिरोही में एग्रीस्टैक आधारित “फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल” लागू हो चुका है, जिसमें 65 हजार से ज्यादा किसानों ने 10 हजार मीट्रिक टन से अधिक खाद खरीदी |
| एमएसपी पर खरीद | राजस्थान सरकार रजिस्ट्री के आंकड़ों को एमएसपी खरीद में इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है |
| कृषि अनुदान / बीज | हिमाचल प्रदेश में मटर बीज और कृषि अनुदान के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना जरूरी बताया गया है (अक्टूबर 2026 की खबर) |
| KYC और कागजात | एक बार प्रोफाइल बनने के बाद हर योजना में दोबारा लंबी KYC की जरूरत कम होती है |
ध्यान रखें कि फार्मर आईडी की अनिवार्यता राज्य और योजना के हिसाब से अलग-अलग है। अपने जिले के कृषि कार्यालय या राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि जरूर कर लें।
कौन रजिस्टर कर सकता है और कौन से दस्तावेज चाहिए?
जमीन के मालिक किसान सबसे आसानी से रजिस्टर होते हैं। किराएदार और बटाईदार किसानों को भी रजिस्ट्री में शामिल करने की बात कही गई है, लेकिन इसकी प्रक्रिया राज्य के हिसाब से अलग है। राजस्थान में तो काश्तकारों और बटाईदारों को जोड़ने की कार्यविधि को अंतिम रूप देने के निर्देश अगस्त 2026 में दिए गए थे। इसलिए ऐसे किसान अपने ब्लॉक के कृषि कार्यालय से ताजा नियम पूछें।
| दस्तावेज | जरूरी बातें |
|---|---|
| आधार कार्ड | नाम और जानकारी जमीन के रिकॉर्ड से मेल खानी चाहिए |
| आधार से लिंक मोबाइल नंबर | OTP इसी नंबर पर आता है, इसलिए चालू होना जरूरी है |
| जमीन का रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी / जमाबंदी) | रजिस्ट्रेशन के समय रिकॉर्ड राज्य के भू-अभिलेख से मिलाया जाता है |
| बैंक खाते की जानकारी | पीएम किसान और DBT के लिए आधार से लिंक खाता रखें |
| किराएदार किसान के लिए | पट्टा/किराएदारी का प्रमाण या स्वघोषणा (राज्य के नियम अनुसार) |
Farmer Registry ऑनलाइन कैसे करें? (Step by Step)
नीचे की प्रक्रिया सभी राज्यों में लगभग एक जैसी है। बस पोर्टल का पता आपके राज्य का होगा।

- अपने राज्य का पोर्टल खोलें। पता आमतौर पर “राज्य कोड + fr.agristack.gov.in” जैसा होता है। उदाहरण के लिए यूपी के लिए upfr.agristack.gov.in।
- नया खाता बनाएं। किसान टैब में “Create New User Account” या “नया किसान पंजीकरण” पर क्लिक करें।
- आधार नंबर डालें और OTP से सत्यापन करें। OTP आधार से लिंक मोबाइल पर आएगा।
- व्यक्तिगत जानकारी भरें। नाम, पता, बैंक जैसी मांगी गई जानकारी जांचकर भरें।
- अपनी जमीन चुनें। राजस्व विभाग का विकल्प चुनकर अपने खसरा/खाते दिखाएं और जमीन जोड़ें।
- घोषणा स्वीकार करें और सबमिट करें।
- ई-साइन करें। आधार OTP से ई-हस्ताक्षर पूरा करें।
- Enrollment ID सुरक्षित रखें। सबमिट के बाद मिलने वाली पुष्टि PDF डाउनलोड कर लें। इसी से स्टेटस देखा जाएगा।
टिप: रजिस्ट्रेशन से पहले अपने राज्य के भू-अभिलेख पोर्टल से खतौनी/जमाबंदी देखकर नाम और आधार का मिलान कर लें। नाम में अंतर होने पर आवेदन अटक सकता है।
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन: कैंप, लेखपाल और CSC
जिन किसानों को ऑनलाइन में परेशानी हो, वे गांव में लगने वाले Farmer Registry कैंप, राजस्व कर्मचारी (जैसे यूपी में लेखपाल), कृषि विभाग के कर्मचारी, पंचायत सहायक या जन सेवा केंद्र (CSC) से मदद ले सकते हैं। कई जगह किसान का खुद मौजूद रहना जरूरी होता है, ताकि आधार OTP और सत्यापन हो सके।
सरकारी स्तर पर पंजीकरण निःशुल्क है। CSC पर आपसे सेवा-शुल्क लिया जा सकता है, लेकिन कोई “आईडी बनाने” के नाम पर मोटी रकम मांगे तो उसे मना करें और जिला कृषि अधिकारी से शिकायत करें।
राज्यवार Farmer Registry पोर्टल
| राज्य | पोर्टल |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | upfr.agristack.gov.in |
| राजस्थान | rjfr.agristack.gov.in |
| मध्य प्रदेश | mpfr.agristack.gov.in |
| महाराष्ट्र | mhfr.agristack.gov.in |
| गुजरात | gjfr.agristack.gov.in |
| छत्तीसगढ़ | cgfr.agristack.gov.in |
| अन्य राज्य (पंजाब, तेलंगाना आदि) | राष्ट्रीय जानकारी के लिए agristack.gov.in और अपने राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट देखें |
नोट: पोर्टल का पता पैटर्न पर आधारित है और राज्य अपनी सेवाओं के लिंक बदल सकते हैं। लॉगिन से पहले ब्राउज़र में URL जरूर जांचें कि वह gov.in पर खत्म हो रहा है।
UP Farmer Registry: रजिस्ट्रेशन, लॉगिन और स्टेटस
उत्तर प्रदेश में Farmer Registry सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले विषयों में से एक है। राज्य में किसान upfr.agristack.gov.in पोर्टल, “Farmer Registry UP” जैसे मोबाइल ऐप, लेखपाल या CSC के जरिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। जुलाई 2026 तक देशभर में बनी फार्मर आईडी में अकेले यूपी का हिस्सा लगभग 2.46 करोड़ का रहा, जो किसी भी राज्य से ज्यादा है।
UP Farmer Registry लॉगिन कैसे करें
- upfr.agristack.gov.in खोलें।
- होमपेज पर “Login” चुनें।
- आधार या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर OTP भेजें।
- OTP भरकर लॉगिन करें। डैशबोर्ड में आपका रजिस्ट्रेशन स्टेटस और फार्मर आईडी का विकल्प दिखेगा।
UP Farmer Registry स्टेटस चेक कैसे करें
पोर्टल पर “Check Enrollment Status” पर जाएं, अपना Enrollment ID या आधार नंबर डालें, OTP से सत्यापन करें और स्क्रीन पर आपका स्टेटस दिख जाएगा (जैसे सबमिटेड, अप्रूवल लंबित या अप्रूव्ड)। एप्लीकेशन अप्रूव होने में कुछ दिनों से लेकर दो हफ्ते तक लग सकते हैं। यह समय जिले और सत्यापन पर निर्भर करता है।
Rajasthan Farmer Registry: रजिस्ट्रेशन और ताजा स्थिति
राजस्थान में अगस्त 2026 की समीक्षा बैठक में बताया गया कि राज्य में 87 लाख 44 हजार 842 किसान पंजीकृत हो चुके हैं, जो तय लक्ष्य का 96.95 प्रतिशत है। मुख्य सचिव ने शेष किसानों का पंजीकरण अभियान चलाकर पूरा करने, कम प्रगति वाले जिलों में विशेष फील्ड विजिट करने और मोबाइल ऐप के ज्यादा इस्तेमाल के निर्देश दिए। सरकार नामांतरण के समय आधार और कृषक पहचान संख्या दर्ज करने की व्यवस्था भी जल्द लागू करना चाहती है, ताकि जमीन के बदलाव रजिस्ट्री में अपने आप अपडेट हों।
राजस्थान के किसान rjfr.agristack.gov.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या लॉगिन कर सकते हैं, या अपने कृषि पर्यवेक्षक और ग्राम पंचायत स्तर के कैंप से संपर्क कर सकते हैं। राजस्थान सरकार रजिस्ट्री को पीएम किसान सहित सभी किसान-केंद्रित योजनाओं से चरणबद्ध तरीके से जोड़ने पर भी जोर दे रही है।
MP, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब और तेलंगाना में क्या स्थिति है?
- मध्य प्रदेश: mpfr पोर्टल पर “नया खाता बनाएं”, आधार OTP से सत्यापन और फिर जमीन व बाकी विवरण भरने की प्रक्रिया चलती है।
- गुजरात और महाराष्ट्र: दोनों राज्यों के अपने Farmer Registry पोर्टल हैं (gjfr और mhfr)। महाराष्ट्र ने जमीन रिकॉर्ड डेटाबेस के साथ फार्मर आईडी जोड़ने का काम किया है।
- पंजाब: सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार वहां Farmer Registry अभी तैयार की जा रही है और कुछ किसान इस पर सवाल भी उठा रहे हैं। इसलिए पंजाब के किसान राज्य कृषि विभाग की घोषणा का इंतजार करें।
- तेलंगाना: अगर आपके राज्य का पोर्टल अभी लाइव न दिखे, तो agristack.gov.in और राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक सूचना देखें। किसी अनजान साइट पर आधार न डालें।
- हरियाणा: राज्य ने आधार OTP आधारित प्रक्रिया से लगभग 1.38 करोड़ किसानों को रजिस्टर करने की योजना बनाई थी।
Farmer Registry स्टेटस चेक करने का तरीका (सभी राज्य)
- अपने राज्य का Farmer Registry पोर्टल खोलें।
- “Check Enrollment Status” पर क्लिक करें।
- Enrollment ID या आधार नंबर डालें।
- OTP से सत्यापन करें।
- स्टेटस देखें। अगर आवेदन में कोई कमी है तो पोर्टल पर कारण दिखेगा।
अप्रूवल लंबित है तो कुछ दिन रुकें। लंबे समय तक कोई बदलाव न दिखे तो अपने लेखपाल/पटवारी या कृषि पर्यवेक्षक से जमीन के सत्यापन की स्थिति पूछें।
Farmer ID (किसान पहचान पत्र) डाउनलोड कैसे करें?
- अपने राज्य के Farmer Registry पोर्टल पर लॉगिन करें।
- डैशबोर्ड खोलें।
- “Download Farmer ID” या किसान पहचान पत्र वाला विकल्प चुनें।
- PDF डाउनलोड करें और उसका प्रिंट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखें।
अगर डाउनलोड का विकल्प नहीं दिख रहा, तो इसका मतलब आम तौर पर यह है कि आपका आवेदन अभी अप्रूव नहीं हुआ है। पहले स्टेटस चेक करें।
Farmer Registry और पीएम किसान का क्या संबंध है?
कृषि मंत्रालय ने नए पीएम किसान रजिस्ट्रेशन के लिए 14 राज्यों में फार्मर आईडी जरूरी की है, जहां फार्मर रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है। जिन राज्यों में रजिस्ट्री का काम शुरू नहीं हुआ, वहां नया किसान बिना आईडी के भी रजिस्टर हो सकता है। पुराने लाभार्थियों के लिए eKYC पहले की तरह जरूरी है और कई रिपोर्टों में कहा गया है कि आईडी न होने पर किस्त में देरी हो सकती है।
नया पीएम किसान रजिस्ट्रेशन 2026 में pmkisan.gov.in के “Farmers Corner” में “New Farmer Registration” से किया जाता है। eKYC, किस्त की तारीख और स्टेटस के लिए हमारी ये गाइड पढ़ें: पीएम किसान eKYC ऑनलाइन गाइड, पीएम किसान 24वीं किस्त अपडेट और किसान क्रेडिट कार्ड योजना।
देशभर में कितनी फार्मर आईडी बनीं? (ताजा आंकड़े)
| तारीख | आंकड़ा |
|---|---|
| 4 फरवरी 2026 | 8.48 करोड़ से ज्यादा आईडी |
| 19 मार्च 2026 | 9.2 करोड़ से ज्यादा आईडी |
| 30 जुलाई 2026 | लगभग 10.28 करोड़ आईडी (लक्ष्य 11 करोड़), इनमें यूपी की 2.46 करोड़ |
| अक्टूबर 2026 | ई-गवर्नेंस पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार 11 करोड़ आईडी का लक्ष्य तय समय से पांच महीने पहले पूरा |
हालांकि अगस्त 2026 में कृषि मंत्रालय के राष्ट्रीय सम्मेलन में यह भी सामने आया कि देश के शुद्ध बोए गए क्षेत्र का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अभी फार्मर आईडी से नहीं जुड़ा है, और कम से कम 14 राज्यों ने अपने भू-अभिलेख (Record of Rights) को रजिस्ट्री से सिंक नहीं किया था। यानी आईडी बन जाना और जमीन का सही जुड़ना, दोनों अलग बातें हैं।
आम समस्याएं और उनके समाधान
| समस्या | संभावित कारण | क्या करें |
|---|---|---|
| OTP नहीं आ रहा | आधार से मोबाइल लिंक नहीं या नंबर बंद है | आधार केंद्र पर मोबाइल अपडेट कराएं, फिर दोबारा प्रयास करें |
| जमीन नहीं दिख रही | खतौनी में नाम का अंतर, वरासत/नामांतरण लंबित | तहसील/पटवारी से रिकॉर्ड सुधरवाएं, फिर रजिस्ट्री अपडेट करें |
| आवेदन लंबे समय से लंबित | राजस्व विभाग का सत्यापन बाकी | लेखपाल/पटवारी या कृषि पर्यवेक्षक से संपर्क करें |
| पोर्टल नहीं खुल रहा | सर्वर पर भारी लोड | सुबह जल्दी या रात में कोशिश करें, या कैंप/CSC जाएं |
| संयुक्त खाता या वन-अधिकार पट्टा | साझा खातेदारी या अधूरे रिकॉर्ड के कारण रजिस्ट्रेशन अटकना | स्थानीय कृषि/राजस्व अधिकारी से लिखित में समस्या दर्ज कराएं |
कुछ जिलों में सर्वर की दिक्कत, वरासत के पेच और आधार से जुड़े नियमों के कारण हजारों किसानों की रजिस्ट्री अटकने की खबरें भी आई हैं। इसलिए आख़िरी दिन का इंतजार न करें।
फर्जीवाड़े से सावधान
- व्हाट्सऐप पर आने वाली “आख़िरी तारीख” की खबरों पर भरोसा न करें। असली स्थिति राज्य के पोर्टल और pmkisan.gov.in पर देखें।
- फार्मर आईडी बनाने के लिए तय सरकारी प्रक्रिया में कोई फीस नहीं है। जो “गारंटीड अप्रूवल” के पैसे मांगे, उससे दूर रहें।
- अपना आधार OTP किसी अनजान व्यक्ति या लिंक पर न दें।
- सिर्फ gov.in पर खत्म होने वाली साइट पर ही लॉगिन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Farmer Registry कैसे करें?
अपने राज्य के Farmer Registry पोर्टल पर नया खाता बनाएं, आधार OTP से सत्यापन करें, जमीन का विवरण जोड़ें, घोषणा स्वीकार करें और आधार OTP से ई-साइन करें। इसके बाद मिले Enrollment ID से स्टेटस देखें। चाहें तो गांव के कैंप, लेखपाल/कृषि कर्मचारी या CSC से भी करा सकते हैं।
UP Farmer ID कैसे डाउनलोड करें?
upfr.agristack.gov.in पर आधार/रजिस्टर्ड मोबाइल से OTP लॉगिन करें, डैशबोर्ड में जाकर Farmer ID डाउनलोड का विकल्प चुनें और PDF सेव करें। विकल्प न दिखे तो पहले स्टेटस देखें कि आवेदन अप्रूव हुआ या नहीं।
क्या PM-KISAN New Registration 2026 के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं?
हां, pmkisan.gov.in के Farmers Corner में “New Farmer Registration” से या PMKISAN GoI ऐप से आवेदन किया जा सकता है। 14 राज्यों में इसके लिए फार्मर आईडी भी जरूरी है, इसलिए पहले Farmer Registry में रजिस्ट्रेशन कराएं।
अपनी Farmer ID कैसे चेक करें?
राज्य पोर्टल पर लॉगिन करके डैशबोर्ड में फार्मर आईडी देखी जा सकती है, या “Check Enrollment Status” में Enrollment ID/आधार डालकर OTP से स्टेटस देख सकते हैं।
क्या Farmer Registry फ्री है?
सरकारी पोर्टल या कैंप में पंजीकरण निःशुल्क है। CSC पर सेवा-शुल्क लग सकता है, पर आईडी बनाने के नाम पर ज्यादा पैसे मांगे जाएं तो शिकायत करें।
क्या बटाईदार या किराएदार किसान की फार्मर आईडी बन सकती है?
सरकार इन्हें रजिस्ट्री में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है, पर प्रक्रिया राज्य के अनुसार अलग है। राजस्थान जैसे राज्यों में इसकी कार्यविधि को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ब्लॉक कृषि कार्यालय से ताजा नियम पूछें।
Rajasthan Farmer Registry के लिए कहां आवेदन करें?
राजस्थान के किसान rjfr.agristack.gov.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या कृषि पर्यवेक्षक व ग्राम पंचायत स्तर के कैंप से संपर्क कर सकते हैं।
फार्मर आईडी नहीं बनी तो क्या होगा?
जिन राज्यों और योजनाओं में आईडी जरूरी की गई है, वहां नए पीएम किसान रजिस्ट्रेशन, कृषि अनुदान या खाद वितरण जैसे लाभ में दिक्कत आ सकती है। इसलिए देर न करें और अपने राज्य की स्थिति की पुष्टि कर लें।
निष्कर्ष
Farmer Registry आने वाले समय में किसानों की सरकारी सेवाओं का मुख्य दरवाजा बनती दिख रही है। आधार, आधार-लिंक मोबाइल और खतौनी तैयार रखकर आप 15-20 मिनट में आवेदन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद स्टेटस चेक करना न भूलें, और अगर जमीन का रिकॉर्ड गलत है तो पहले उसे ठीक कराएं। पीएम किसान से जुड़ी किसी भी किस्त की जानकारी के लिए हमारी ऊपर दी गई गाइड्स जरूर देखें।
महत्वपूर्ण लिंक
| विवरण | लिंक |
|---|---|
| एग्रीस्टैक (राष्ट्रीय जानकारी) | agristack.gov.in |
| UP Farmer Registry | upfr.agristack.gov.in |
| Rajasthan Farmer Registry | rjfr.agristack.gov.in |
| MP Farmer Registry | mpfr.agristack.gov.in |
| पीएम किसान पोर्टल | pmkisan.gov.in |
| पीएम किसान हेल्पलाइन | 155261 / 011-24300606 |





