खेत में पानी न हो तो सबसे महंगा सौदा बारिश का इंतज़ार करना ही होता है। उत्तर प्रदेश के लाखों छोटे किसान इसी वजह से बोरिंग कराने की सोचते हैं, लेकिन खर्च देखकर रुक जाते हैं। यूपी सरकार की मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना इसी खर्च का बड़ा हिस्सा उठाती है। इस लेख में जानिए कि किसे कितना अनुदान मिलता है, कौन पात्र है और आवेदन कैसे करना है।
संक्षेप में: यह यूपी के लघु सिंचाई विभाग की योजना है। इसमें किसानों को निजी नलकूप (बोरिंग), पंपसेट और सिंचाई पाइप पर सरकारी अनुदान मिलता है। आवेदन लघु सिंचाई विभाग के पोर्टल miuponline.in पर होता है। अनुदान राशि बोरिंग की गहराई और किसान की श्रेणी (सामान्य लघु/सीमांत या अनुसूचित जाति/जनजाति) पर निर्भर करती है।
क्या है मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना?
इस योजना का मकसद किसानों को अपनी निजी सिंचाई सुविधा खड़ी करने में आर्थिक मदद देना है, ताकि वे मानसून या नहर के भरोसे न रहें। इसे लघु सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश चलाता है। योजना के तहत उथले, मध्यम गहरे और गहरे नलकूप बनवाए जाते हैं। इनमें सबसे पुराना हिस्सा निःशुल्क बोरिंग योजना है, जो विभाग के अनुसार 1985 से छोटे और सीमांत किसानों के लिए चल रही है।
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| विभाग | लघु सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश |
| लाभार्थी | यूपी के किसान |
| लाभ | बोरिंग/नलकूप, पंपसेट और पाइप पर अनुदान |
| आवेदन | ऑनलाइन (miuponline.in) |
| कहां लागू नहीं | अतिदोहित और क्रिटिकल विकास खंड |
Mukhyamantri Laghu Sinchai Yojana में कितनी सब्सिडी मिलती है?
अनुदान तीन तरह के नलकूपों पर अलग-अलग तय है। पहले उथले नलकूप (30 मीटर तक) की बात करें, जिसमें सबसे ज्यादा किसान आवेदन करते हैं।
| किसान की श्रेणी | बोरिंग पर अधिकतम अनुदान | पंपसेट पर अधिकतम अनुदान |
|---|---|---|
| सामान्य लघु किसान | ₹5,000 | ₹4,500 |
| सामान्य सीमांत किसान | ₹7,000 | ₹6,000 |
| अनुसूचित जाति/जनजाति किसान | ₹10,000 | ₹9,000 |
सामान्य श्रेणी के किसानों के लिए बोरिंग पर पंपसेट लगाना जरूरी नहीं है, लेकिन ISI मार्क पंपसेट खरीदकर लगाने पर ऊपर की तालिका के मुताबिक अनुदान मिलता है। इसके अलावा विभाग चुने हुए लाभार्थियों को 90 या 110 mm का HDPE पाइप (30 से 60 मीटर) लगाने पर लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹3,000 देता है।
मध्यम गहरे और गहरे नलकूप में रकम काफी बड़ी हो जाती है:
| नलकूप का प्रकार | गहराई | अनुदान | मुख्य शर्त |
|---|---|---|---|
| मध्यम गहरा नलकूप | 31 से 60 मीटर | निर्माण लागत का 50% या अधिकतम ₹75,000, विद्युतीकरण के लिए अलग से ₹68,000, जल वितरण प्रणाली के लिए अधिकतम ₹10,000 | कम से कम 6 हेक्टेयर शुद्ध (10 हेक्टेयर सकल) सिंचाई क्षेत्र |
| गहरा नलकूप | 60 मीटर से ज्यादा | निर्माण लागत का 50% या अधिकतम ₹1,00,000, विद्युतीकरण के लिए अलग से ₹68,000 | कम से कम 20 हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई, आसपास 500 मीटर में छिछला बोरिंग न हो |
इन दोनों योजनाओं में सभी श्रेणी के किसान पात्र हैं। नलकूप की लागत में ड्रिलिंग, पाइप, पंप हाउस और सबमर्सिबल पंप जैसे खर्च शामिल माने जाते हैं। अनुदान से ऊपर का खर्च किसान को खुद उठाना होता है।
अन्य घटक, जो इलाके पर निर्भर हैं
- डॉ. राममनोहर लोहिया सामुदायिक नलकूप योजना: किसानों के समूह के लिए। अनुसूचित जाति/जनजाति बहुल समूह को 100% लागत, अधिकतम ₹5 लाख, और सामान्य लघु/सीमांत बहुल समूह को 75%, अधिकतम ₹3.92 लाख।
- पठारी क्षेत्र (झांसी, महोबा, ललितपुर, चित्रकूट आदि): इनवेल रिग से बोरिंग पर वास्तविक लागत का 50%, अधिकतम ₹7,500।
- बुंदेलखंड और विंध्याचल के जिले: प्राकृतिक सतही जल स्रोत से सिंचाई के लिए पंपसेट पर वही ₹4,500, ₹6,000 और ₹9,000 वाला अनुदान।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)
- आवेदक उत्तर प्रदेश का किसान हो और जमीन उसके नाम खतौनी में दर्ज हो।
- सामान्य श्रेणी के लिए उथले नलकूप में जोत सीमा 0.2 हेक्टेयर तय है। अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए न्यूनतम जोत की शर्त नहीं है।
- किसान का पीएम किसान सम्मान निधि या पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल पर पंजीकृत होना योजना के दिशानिर्देशों में जरूरी बताया गया है।
- खेत अतिदोहित या क्रिटिकल विकास खंड में नहीं होना चाहिए, क्योंकि वहां यह योजना लागू नहीं है।
अगर आपका पीएम किसान में केवाईसी बाकी है, तो पहले उसे पूरा कर लें। इसके लिए हमारी पीएम किसान ई-केवाईसी गाइड देखें।
यूपी फ्री बोरिंग योजना आवेदन हेतु जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड और मोबाइल नंबर
- नवीनतम खतौनी की प्रति
- पासपोर्ट साइज फोटो और स्कैन किए हुए हस्ताक्षर
- पीएम किसान या पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल की पंजीकरण संख्या
- बैंक खाता और पासबुक की प्रति
- शपथपत्र की स्कैन कॉपी (दिशानिर्देशों के अनुसार ₹100 के स्टांप पर)
दस्तावेजों की सूची समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए फॉर्म भरते समय पोर्टल पर दिख रही सूची को ही अंतिम मानें।
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

- पंजीकरण: miuponline.in पर “आवेदन करें” में जाकर मोबाइल नंबर और बुनियादी जानकारी से रजिस्ट्रेशन करें।
- लॉगिन: “आवेदक लॉग इन” से अंदर जाएं और अपनी जरूरत की योजना चुनें, जैसे उथले नलकूप, मध्यम गहरे नलकूप, गहरे नलकूप या पंपसेट।
- फॉर्म और दस्तावेज: जमीन और बैंक की जानकारी भरकर ऊपर बताए दस्तावेज अपलोड करें।
- सत्यापन: विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर जगह की जांच करते हैं और उसकी जियो टैगिंग करते हैं।
- स्थिति देखें: लॉगिन करके किसी भी समय अपने आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।
बोरिंग फेल हो जाए तो क्या होगा?
विभाग के नियम के मुताबिक अगर बोरिंग असफल हो जाती है, तो मध्यम गहरे और गहरे नलकूप में बोरिंग पर हुए खर्च का 10 प्रतिशत (अधिकतम ₹1,000) किसान की जमा राशि से काटा जाता है और बाकी रकम किसान को लौटा दी जाती है। यानी जोखिम का बड़ा हिस्सा सरकार उठाती है।
किसान इन बातों का रखें ध्यान
- आवेदन के लिए सरकारी पोर्टल पर कोई शुल्क नहीं है। किसी बिचौलिए को पैसे देने से बचें।
- आवेदन सिर्फ सरकारी पोर्टल या विभाग के कार्यालय से ही करें।
- अनुदान की रकम और शर्तें योजना, गहराई और इलाके के हिसाब से अलग हैं, इसलिए आवेदन से पहले अपने जिले के लघु सिंचाई कार्यालय से पुष्टि कर लें।
- किसान क्रेडिट कार्ड से सस्ता कर्ज लेकर पंपसेट खरीदने की सोच रहे हैं तो हमारी किसान क्रेडिट कार्ड योजना वाली जानकारी भी पढ़ें।
महत्वपूर्ण लिंक
| ऑनलाइन आवेदन और स्थिति | miuponline.in |
| योजनाओं की आधिकारिक जानकारी | लघु सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश |
| क्रियान्वयन दिशानिर्देश (PDF) | दिशानिर्देश डाउनलोड करें |
यूपी नलकूप अनुदान से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ’s)
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना किस राज्य की योजना है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसे लघु सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश चलाता है।
उथले नलकूप में कितना अनुदान मिलता है?
बोरिंग पर सामान्य लघु किसान को ₹5,000, सामान्य सीमांत किसान को ₹7,000 और अनुसूचित जाति/जनजाति किसान को ₹10,000 तक अनुदान मिलता है। पंपसेट लगाने पर क्रमशः ₹4,500, ₹6,000 और ₹9,000 तक मिलता है।
गहरे नलकूप पर अधिकतम कितनी सब्सिडी है?
गहरे नलकूप में निर्माण लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹1,00,000 और विद्युतीकरण के लिए अलग से ₹68,000 का अनुदान है।
आवेदन कहां करना होता है?
आवेदन लघु सिंचाई विभाग के पोर्टल miuponline.in पर किया जाता है, जहां आवेदन की स्थिति भी देखी जा सकती है।
क्या इस योजना के लिए पीएम किसान में पंजीकरण जरूरी है?
योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार किसान का पीएम किसान सम्मान निधि या पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल पर पंजीकृत होना जरूरी है।
कुल मिलाकर, अगर आपके खेत में सिंचाई का साधन नहीं है और ब्लॉक अतिदोहित श्रेणी में नहीं आता, तो यह योजना बोरिंग का खर्च काफी घटा सकती है। पोर्टल पर सेवा चालू होते ही दस्तावेज तैयार रखकर आवेदन कर दें।





