Vridha Pension | हर तीन महीने में बैंक से मैसेज आने का इंतज़ार, पासबुक में एंट्री कराने की लाइन और यह सवाल कि “इस बार पैसा आएगा या नहीं” — करोड़ों बुजुर्ग परिवारों के लिए वृद्धा पेंशन सिर्फ एक योजना नहीं, महीने का सहारा है। इस लेख में हमने उत्तर प्रदेश और बिहार की ताज़ा व्यवस्था के साथ यह भी समझाया है कि पेंशन कब आती है, लिस्ट और स्टेटस कैसे देखें, e-KYC क्यों ज़रूरी है और पैसा अटक जाए तो क्या करें।
Quick Answer: वृद्धा पेंशन 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र बुजुर्गों को सरकार की ओर से DBT के ज़रिये सीधे बैंक खाते में दी जाने वाली मासिक आर्थिक सहायता है। उत्तर प्रदेश में यह ₹1,000 प्रति माह (₹3,000 प्रति तिमाही) है और बिहार में ₹1,100 प्रति माह। यूपी का स्टेटस और लिस्ट sspy-up.gov.in पर तथा बिहार का sspmis.bihar.gov.in पर देखा जाता है। पैसा न आए तो सबसे पहले e-KYC, आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग जाँचें।
वृद्धा पेंशन योजना क्या है?
यह एक सामाजिक सुरक्षा पेंशन है, जो उन बुजुर्गों के लिए है जिनके पास आय का स्थायी साधन नहीं है या बहुत कम है। राज्य सरकारें अपनी योजनाओं के तहत पेंशन देती हैं, और कई जगह इसमें केंद्र की राष्ट्रीय सामाजिक सहायता योजना (NSAP) के तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS) का हिस्सा भी जुड़ा होता है। केंद्र की ओर से 60 से 79 वर्ष के लाभार्थियों को ₹200 और 80 वर्ष या उससे अधिक को ₹500 प्रति माह का प्रावधान है; राज्य अपनी तरफ से इसमें अतिरिक्त राशि जोड़ते हैं, इसीलिए अलग-अलग राज्यों में रकम अलग-अलग मिलती है।
राज्यवार वृद्धा पेंशन: राशि और आधिकारिक पोर्टल
| राज्य | योजना | मासिक राशि | पोर्टल |
|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | वृद्धावस्था पेंशन (समाज कल्याण विभाग) | ₹1,000 (तिमाही ₹3,000) | sspy-up.gov.in |
| बिहार | मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना | ₹1,100 | sspmis.bihar.gov.in |
| मध्य प्रदेश | समग्र सामाजिक सुरक्षा / IGNOAPS | राज्य के नियमानुसार | समग्र पोर्टल |
| झारखंड | सर्वजन पेंशन योजना | राज्य के नियमानुसार | सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड |
| केंद्र (NSAP) | IGNOAPS | ₹200 (60–79 वर्ष) / ₹500 (80+) | nsap.nic.in |
नोट: मध्य प्रदेश और झारखंड में रकम व पात्रता समय-समय पर बदलती रहती है, इसलिए आवेदन से पहले अपने राज्य के विभाग की वेबसाइट या ब्लॉक कार्यालय से ताज़ा राशि ज़रूर पूछ लें।
वृद्धा पेंशन कब आएगी 2026? (Vridha Pension Kab Aayegi)
उत्तर प्रदेश में पेंशन कब आती है
यूपी में पेंशन तिमाही आधार पर भेजी जाती है, यानी तीन महीने की रकम एक बार में। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सितंबर 2026 के दूसरे सप्ताह से कई जिलों में नई व्यवस्था के तहत तीन महीने की ₹3,000 की राशि एक साथ भेजने की जगह ₹1,500-₹1,500 की दो किस्तों में दी जा रही है। विभाग ने किस्त की तारीख की कोई तय घोषणा नहीं की है, इसलिए नीचे दी गई अवधि अनुमानित है।
| तिमाही | किस माह की पेंशन | पैसा आने की संभावित अवधि |
|---|---|---|
| पहली | अप्रैल–जून | जुलाई–अगस्त |
| दूसरी | जुलाई–सितंबर | सितंबर से नवंबर के शुरू तक (दो किस्तों में) |
| तीसरी | अक्टूबर–दिसंबर | दिसंबर के अंत से जनवरी 2027 |
| चौथी | जनवरी–मार्च | मार्च–अप्रैल |
अगर आपके खाते में अभी पैसा नहीं पहुँचा है तो ज़रूरी नहीं कि पेंशन रुक गई हो। कई बार भुगतान जिलेवार और चरणबद्ध तरीके से जारी होता है, इसलिए एक-दो हफ्ते बाद फिर जाँच करें और तब तक e-KYC व बैंक की जानकारी सही करवा लें।
बिहार में पेंशन कब आती है
बिहार सरकार ने जुलाई 2025 में बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशन ₹400 से बढ़ाकर ₹1,100 प्रति माह की थी और घोषणा की थी कि राशि हर महीने की 10 तारीख के आसपास खाते में भेजी जाएगी। भुगतान की स्थिति SSPMIS और e-Labharthi पोर्टल पर देखी जा सकती है।
वृद्धा पेंशन स्टेटस कैसे चेक करें?
यूपी वृद्धा पेंशन स्टेटस (sspy-up.gov.in)

- मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में sspy-up.gov.in खोलें।
- “वृद्धावस्था पेंशन” वाले विकल्प में आवेदक लॉगिन या पेंशन स्टेटस पर क्लिक करें।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर भरें।
- कैप्चा डालकर सबमिट करें। स्क्रीन पर आवेदन की स्थिति, भुगतान का विवरण और बैंक खाते की जानकारी दिखेगी।
बिहार वृद्धजन पेंशन स्टेटस (SSPMIS)
- sspmis.bihar.gov.in पर जाएँ।
- लाभार्थी की स्थिति (Beneficiary Status) या भुगतान की स्थिति वाला विकल्प चुनें।
- जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर अपना नाम या रजिस्ट्रेशन आईडी डालें।
- भुगतान से जुड़ी जानकारी के लिए e-Labharthi पोर्टल भी देख सकते हैं।
मोबाइल से वृद्धा पेंशन कैसे चेक करें?
अलग से किसी ऐप की ज़रूरत नहीं है। ऊपर बताए पोर्टल मोबाइल ब्राउज़र में खुल जाते हैं; पेज छोटा दिखे तो ब्राउज़र में “Desktop site” चालू कर लें। इसके अलावा तीन आसान तरीके और हैं: बैंक का मोबाइल ऐप या SMS में क्रेडिट मैसेज देखें, एटीएम से मिनी स्टेटमेंट निकालें, या बैंक की ब्रांच/बैंक मित्र (CSC) पर पासबुक एंट्री करवाएँ।
वृद्धा पेंशन लिस्ट में नाम कैसे देखें?
जिन लोगों ने आवेदन कर दिया है, उन्हें लिस्ट में नाम की पुष्टि ज़रूर कर लेनी चाहिए। यूपी में पेंशनर सूची पोर्टल पर जिला, ब्लॉक और ग्राम के हिसाब से उपलब्ध होती है।
- sspy-up.gov.in पर “पेंशनर सूची” या लाभार्थी सूची का विकल्प चुनें।
- क्रम से जिला, ब्लॉक/नगर निकाय और ग्राम पंचायत चुनें।
- योजना में वृद्धावस्था पेंशन चुनकर वित्तीय वर्ष (2026-27) का चयन करें।
- सूची खुलने पर अपना नाम, पिता/पति का नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर मिलाएँ।
नाम न दिखे तो घबराएँ नहीं। आवेदन अभी सत्यापन में हो सकता है या दस्तावेज़ में कमी की वजह से लंबित हो सकता है। ऐसे में अपने ब्लॉक के समाज कल्याण कार्यालय या जिला समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क करें।
वृद्धा पेंशन e-KYC: क्यों ज़रूरी है और कैसे करें?
फर्जी लाभार्थियों को हटाने के लिए सरकारें आधार आधारित सत्यापन पर ज़ोर दे रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन लाभार्थियों की e-KYC पूरी नहीं है, उनकी किस्त प्रभावित हो सकती है। प्रक्रिया सीधी है:
- ऑनलाइन: पोर्टल पर पेंशन आईडी डालें और आधार OTP से सत्यापन पूरा करें (आधार से मोबाइल नंबर जुड़ा होना चाहिए)।
- ऑफलाइन: जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वे नज़दीकी जन सेवा केंद्र या CSC पर बायोमेट्रिक (अंगूठा) से e-KYC करवा सकते हैं।
- साथ में: बैंक में जाकर आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग की स्थिति भी जाँच लें, वरना e-KYC के बाद भी पैसा अटक सकता है।
आधार और बैंक खाते का लिंक जाँचने का तरीका हमारे अलग गाइड में विस्तार से बताया गया है।
नई वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन: पात्रता और दस्तावेज़
उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र का स्थायी निवासी, जिसकी सालाना पारिवारिक आय निर्धारित सीमा से कम हो और जो किसी अन्य सरकारी पेंशन का लाभ न ले रहा हो, आवेदन कर सकता है। विभाग की पुरानी जानकारी में आय सीमा ग्रामीण क्षेत्र के लिए ₹46,080 और शहरी क्षेत्र के लिए ₹56,460 सालाना दी गई थी; आवेदन से पहले पोर्टल पर ताज़ा सीमा देख लें। बिहार में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी स्थायी निवासी पात्र माने जाते हैं, बशर्ते वे किसी अन्य सरकारी पेंशन के दायरे में न हों। साथ ही यूपी में “फैमिली आईडी” व्यवस्था के ज़रिये पात्र बुजुर्गों को 60 वर्ष पूरे होने पर पेंशन से जोड़ने की प्रक्रिया को स्वचालित करने की बात सरकार ने कही है।
| दस्तावेज़ | क्यों चाहिए |
|---|---|
| आधार कार्ड | पहचान और e-KYC |
| आयु प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र/स्कूल प्रमाणपत्र/आधार) | 60 वर्ष की आयु का सत्यापन |
| निवास प्रमाण पत्र | राज्य का स्थायी निवासी होने का प्रमाण |
| आय प्रमाण पत्र (जहाँ आवश्यक हो) | आय सीमा की जाँच |
| बैंक पासबुक (आधार से लिंक खाता) | पेंशन DBT से भेजने के लिए |
| पासपोर्ट साइज़ फोटो और मोबाइल नंबर | आवेदन और OTP सत्यापन |
आवेदन की प्रक्रिया (संक्षेप में)
- अपने राज्य के पेंशन पोर्टल पर जाकर नया आवेदन/पंजीकरण चुनें।
- आधार, बैंक और व्यक्तिगत विवरण सही-सही भरें।
- दस्तावेज़ अपलोड करके फॉर्म सबमिट करें और रजिस्ट्रेशन नंबर सुरक्षित रखें।
- ऑनलाइन में दिक्कत हो तो ब्लॉक कार्यालय, ग्राम पंचायत सचिवालय या लोक सेवा केंद्र पर आवेदन करवाएँ।
वृद्धा पेंशन का पैसा क्यों नहीं आता? कारण और समाधान
| समस्या | समाधान |
|---|---|
| e-KYC पेंडिंग | पोर्टल या CSC पर e-KYC पूरी करवाएँ |
| आधार बैंक खाते से सीड नहीं | बैंक शाखा में आधार सीडिंग का फॉर्म दें |
| NPCI मैपिंग नहीं हुई या गलत बैंक में है | बैंक से मैपर स्टेटस जाँच कर सही करवाएँ |
| खाता बंद या निष्क्रिय (Inactive/Dormant) | KYC अपडेट कराकर खाता चालू करवाएँ |
| नाम, खाता संख्या या IFSC में गलती | ब्लॉक कार्यालय में सुधार का आवेदन दें |
| सत्यापन या दस्तावेज़ लंबित | समाज कल्याण कार्यालय में संपर्क करें |
सब कुछ सही होने पर भी पैसा न आए तो आधार, बैंक पासबुक और पेंशन रजिस्ट्रेशन नंबर की कॉपी के साथ जिला समाज कल्याण अधिकारी को लिखित आवेदन दें। ऑनलाइन परेशानी के लिए बुजुर्गों की राष्ट्रीय हेल्पलाइन 14567 और यूपी में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
वृद्धा पेंशन पासबुक, लॉगिन और पोर्टल से जुड़ी ज़रूरी बातें
- पासबुक: पेंशन के लिए अलग से कोई “पेंशन पासबुक” नहीं बनती। भुगतान आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है, इसलिए उसी खाते की पासबुक में एंट्री कराकर क्रेडिट देखें।
- लॉगिन: यूपी में पोर्टल पर “आवेदक लॉगिन” से रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल/आधार विवरण से लॉगिन होता है। बिहार में SSPMIS पर लाभार्थी की स्थिति आईडी या नाम से खोजी जाती है।
- सावधानी: पेंशन की मदद के नाम पर पैसे माँगने वालों से बचें। आवेदन या स्टेटस जाँच के लिए सरकारी पोर्टल पर कोई शुल्क नहीं लगता।
वृद्धा पेंशन योजना से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ’s)
यूपी वृद्धा पेंशन कब आएगी 2026 में?
यूपी में पेंशन तिमाही आती है। जुलाई-सितंबर की राशि सितंबर से नवंबर की शुरुआत के बीच, कई जिलों में दो किस्तों में, भेजी जा रही है। अक्टूबर-दिसंबर की पेंशन दिसंबर के अंत से जनवरी 2027 के बीच आने की संभावना है। तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
वृद्धा पेंशन लिस्ट 2026 कैसे देखें?
sspy-up.gov.in पर पेंशनर सूची में जिला, ब्लॉक और ग्राम चुनकर वित्तीय वर्ष 2026-27 की सूची खोलें और अपना नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर मिलाएँ। बिहार के लिए sspmis.bihar.gov.in का उपयोग करें।
वृद्धा पेंशन मोबाइल से कैसे चेक करें?
मोबाइल ब्राउज़र में राज्य का पेंशन पोर्टल खोलकर रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार से स्टेटस देखें। इसके अलावा बैंक ऐप, SMS या एटीएम मिनी स्टेटमेंट से भी क्रेडिट देखा जा सकता है।
बिहार में वृद्धा पेंशन कितनी मिलती है?
बिहार में मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत 1,100 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। स्टेटस sspmis.bihar.gov.in पर देखा जा सकता है।
वृद्धा पेंशन की उम्र कितनी होनी चाहिए?
आमतौर पर आवेदक की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। झारखंड जैसे कुछ राज्यों में कुछ वर्गों के लिए आयु सीमा 50 वर्ष भी की गई है।
क्या वृद्धा पेंशन के लिए e-KYC ज़रूरी है?
जी हाँ। फर्जी लाभार्थियों को रोकने के लिए e-KYC और आधार सीडिंग ज़रूरी की गई है। e-KYC पेंडिंग होने पर किस्त रुक सकती है।
वृद्धा पेंशन का पैसा न आने पर क्या करें?
पहले पोर्टल पर स्टेटस जाँचें, फिर बैंक में आधार सीडिंग, DBT और NPCI मैपिंग की स्थिति देखें। समस्या बनी रहे तो जिला समाज कल्याण कार्यालय में आवेदन दें या हेल्पलाइन 14567 पर संपर्क करें।
क्या वृद्धा पेंशन के लिए पासबुक अलग से बनती है?
नहीं। पेंशन आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में आती है, इसलिए उसी खाते की पासबुक में एंट्री कराकर पेंशन का क्रेडिट देखें।
निष्कर्ष
वृद्धा पेंशन समय पर पाने की कुंजी तीन चीज़ें हैं: पोर्टल पर नाम और स्टेटस की जाँच, पूरी की गई e-KYC, और आधार से सही तरह जुड़ा बैंक खाता। किस्त की तारीख हर तिमाही थोड़ी आगे-पीछे हो सकती है, लेकिन ये तीनों चीज़ें दुरुस्त हों तो भुगतान अटकने की संभावना बहुत कम रह जाती है। अपने घर या पड़ोस के किसी बुजुर्ग के लिए यह जानकारी साझा करें, ताकि उन्हें दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। पेंशन की राशि, किस्त की तिथि और पात्रता सरकार द्वारा बदली जा सकती है, इसलिए अंतिम पुष्टि के लिए संबंधित राज्य के आधिकारिक पोर्टल या समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क करें। ekycmitra.com कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है।






